उत्तराखंड कैबिनेट की बनबसा में हुई बैठक में लिए गए 24 निर्णय
रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी को मंजूरी
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्रस्ताव पास
देवभूमि टुडे
चंपावत/बनबसा। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पट्टे वाली जमीनों को नियमित करने का निर्णय लिया गया। बनबसा के NHPC सभागार में आज 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। सरकार ने टनकपुर और बनबसा में सरकारी जमीन पर बसे लोगों के लिए भी फैसला लिया गया। ऐसे लोगों को पक्के मकान बनाकर दिया जाएगा। इसके साथ ही के साथ इसमें कई अन्य मंदिरों को भी शामिल किया जाएगा।
कैबिनेट ने जूनियर-सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस स्टाइपेंड को 75 हजार रुपए से बढ़ाकर करीब 1 लाख रुपए किया जाएगा। बैठक में सीमांत क्षेत्रों के विकास के साथ स्वास्थ्य सहित कुल 24 फैसले लिए गए।



सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के साथ सशक्त होगी रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी
चंपावत/बनबसा। कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। आगे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी कैबिनेट बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की पहल को गति मिलेगी। जिलों में कैबिनेट बैठक होने से स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय जरूरतों के आधार पर फैसले लेने में मदद मिलेगी। सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के साथ रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। इन क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर तैयार करने पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कैबिनेट बैठकें होने से वहां की स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक संतुलित विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में मौजूद थे ये मंत्री:
डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, सौरभ बहुगुणा, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, मदन कौशिक, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा के अलावा मुख्य सचिव एवं सचिव।
अब तक देहरादून से बाहर कहां-कहां हुई कैबिनेट की बैठक:
1.7 मई 2010: हरिद्वार।
2.3 नवंबर 2012: गैरसैंण।
3.20 अक्टूबर 2014: केदारनाथ।
4.16 मई 2018: टिहरी।
5.23 अक्टूबर 2019: अल्मोड़ा।
6.4 अक्टूबर 2026: बनबसा।
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