NH पर कल 2 और आज 1 बस हुई खराब
लंबा इंतजार और फजीहत झेल रहे मुसाफिर
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। रोडवेज में बसों की कमी है। कई बसें स्टेशन से निकलती है, लेकिन मंजिल तक नहीं पहुंच पाती है। बीच रास्ते में बसों के खराब होने की घटनाएं अब आम हैं। रोडवेज में सफर करने वाले मुसाफिर बे-बस और मजबूर हैं। 2 दिन में 3 बसें पहाड़ के रास्ते में खराब हो चुकी है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर टनकपुर से लोहाघाट के बीच ही कल 28 अगस्त से आज 29 अगस्त तक रोडवेज की 3 बसें जवाब दे गई है। ये सभी बसें तकनीकी खामी से बीच रास्ते खराब हुई। आज शनिवार सुबह लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस (UK 03PA 4233) देवराड़ी बैंड में खराब हो गई। काशीपुर जा रही इस बस के लोहाघाट स्टेशन से बमुश्किल 4 किमी दूर खराब होने से यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। कुछ देर इंतजार के बाद उन्हें आगे भेजा सका। इससे पूर्व कल 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन पहाड़ को आ रहीं रोडवेज की दो बसें अमोड़ी और सूखीढांग में खराब हो गई थीं।
क्या कहते हैं अधिकारी:
लोहाघाट से काशीपुर जा रही बस का सेंसर खराब हो गया था। मैकेनिक भेज कर बस की खामी को दूर कराया गया। जबकि बस के यात्रियों को दूसरी बस से आगे भेजा गया। लोहागढ़ डिपो के पास इस वक्त कल 27 बसे हैं। जरूर को देखते हुए 10 बसों की डिमांड भेजी गई है।
धीरज वर्मा,
सहायक मंडलीय प्रबंधक,
लोहाघाट डिपो।
तत्काल दूर होनी चाहिए बसों की कमी:
चंपावत जिले के लोहाघाट और टनकपुर दोनों डिपो में बसों का टोटा है। टनकपुर के मंडलीय प्रबंधक ने मंडल के तीनों डिपो के लिए 40 बसों के लिए निगम मुख्यालय पत्र भेजा है। एक ओर बसों की कमी है, वहीं दूसरी ओर चंपावत जिले में 300 करोड़ रुपये से निगम के दो बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। 236 करोड़ रुपये से अधिक की लागत का टनकपुर में ISBT और 62 करोड़ रुपये से चंपावत बस स्टेशन में सिटी सेंटर निर्माणाधीन हैं। लोगों का कहना है कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए काम बेशक हो, लेकिन उससे पहले बसों की कमी को दूर करने के साथ यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
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