त्याग, सेवा, सत्कार है सिख धर्म की मुख्य खूबी: DM मनीष कुमार
रीठा साहिब के मुख्य मेले में हजारों तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका
अखंड पाठ की लड़ी, सबद-कीर्तन जारी
कल होगा तीन दिनी जोड़ मेले का समापन
देवभूमि टुडे
चंपावत/रीठा साहिब। रीठा साहिब गुरुद्वारे में आज 30 मई को मुख्य जोड़ मेले में जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के नारों की गूंज रही। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए हजारों तीर्थयात्रियों ने लधिया-रतिया नदी के संगम में स्नान करने के बाद गुरुद्वारे में मत्था टेका। गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थे के प्रतिनिधियों ने गुरुग्रंथ साहिब की अमृतवाणी के अलावा रीठा साहिब गुरुद्वारे के इतिहास की जानकारी दी। शुक्रवार से शुरू अखंड सबद-कीर्तन अनवरत जारी है। तीन दिनी जोड़ मेले का समापन कल 31 मई को होगा।




DM मनीष कुमार ने गुरुद्वारा में मत्था टेका। कहा कि सिख धर्म के त्याग, सेवा और सत्कार की भावना को बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सेवा और बलिदान सिख धर्म की मुख्य खूबी है। इस स्थान में सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति से रीठे की कड़ुवाहट में मिठास भरकर दुनिया को मिलकर रहने का संदेश दिया था। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने DM मनीष कुमार का स्वागत किया और सरोपा भेंट किया।
श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थेदारों ने गुरुग्रंथ साहिब की गुरुवाणी अखंड सबद-कीर्तन का आयोजन हुआ। बाबा श्याम सिंह ने श्रद्धालुओं को मीठे रीठे का प्रसाद वितरित किया।
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