एसएसजे विश्वविद्यालय चंपावत कैंपस की तस्वीर
फरवरी 2025 से नहीं हैं योग के सहायक प्रोफेसर
28 छात्र हैं योग विषय में
देवभूमि टुडे
चंपावत। आज 21 जून को पूरी दुनिया में योग दिवस मनाया गया। 2015 से शुरू अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम चंपावत में भी हुए। चंपावत का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित योग दिवस के कार्यक्रम में योग और प्राणायम किया। इस मौके पर उन्होंने उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई। अपनी कई नीतियों और कार्यक्रम के जरिए सरकार इस दिशा में प्रयास करती हुई दिख भी रही है। लेकिन युवाओं को योग की शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चंपावत कैंपस में योग विषय के रूप में शामिल है, लेकिन छात्रों को इस विषय को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। चंपावत में स्नातक में 28 छात्र योग में पंजीकृत हैं। लेकिन उन्हें पढ़ाने और प्रशिक्षित करने के लिए एक भी गुरु नहीं है। ये हाल फरवरी 2025 से हैं। योग छात्र आयुष महर का कहना है कि योग सीखाने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। इसे लेकर कई बार मांग की जा चुकी है। शिक्षक नहीं होने से छात्र सेल्फ स्टेडी से इसे सीख रहे हैं। यूट्यूब में ऑनलाइन से योग का प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं। ऐसे में योग को जन-जन में लोकप्रिय करने, उनकी आदत में शुमार करने से लेकर रोजगार से जोड़ने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या कहते हैं कैंपस के निदेशक:
योग विषय में फिलहाल कोई सहायक प्रोफेसर नहीं है। गेस्ट फैकल्टी के लिए साक्षात्कार हुआ था, लेकिन मामला न्यायालय में होने के कारण अभी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
डॉ. प्रवीण बिष्ट,
निदेशक, एसएसजे कैंपस, चंपावत।
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