मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था बे-पटरी
उपभोक्ताओं की शिकायत वाला नंबर भी नहीं कर रहा काम
देवभूमि टुडे
चंपावत। जुलाई के पहले 2 सप्ताह में खूब बारिश हुई। इस अवधि में चंपावत में 195.50 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। लेकिन बावजूद इसके चंपावत नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी का संकट गहराया हुआ है। पेयजल किल्लत क्यों है? इसे लेकर विभागीय अधिकारी बगले झांक रहे हैं। वहीं विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के लिए जारी नंबर (05965-230485) भी अक्सर स्विच ऑफ है। यानी पेयजल की खामी को लेकर विभाग से उपभोक्ता अपनी बात कहें, तो कैसे कहें?
चंपावत के खड़ी बाजार में 9, 10 और 12 जुलाई को पानी की आपूर्ति नहीं हुई। 11 और 13 जुलाई को बमुश्किल 15 से 20 मिनट पेयजल आपूर्ति हुई। ये तस्वीर बेशक खड़ी बाजार की है, लेकिन हालात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्वाचन क्षेत्र वाली चंपावत विधानसभा के मुख्यालय चंपावत के कई अन्य हिस्सों में भी ऐसे ही है। यानी चंपावत नगर क्षेत्र के कई हिस्से पेयजल के लिए कराह रहे हैं। ऐसे में लोग 4 साल पूर्व से शुरू 30 करोड़ की लागत से निर्मित क्वैराला पेयजल योजना और बरसात के बावजूद पेयजल को तरस रहे हैं। क्वैराला पंपिंग योजना के अलावा पहले से ग्रेविटी की 6 अन्य योजनाओं से चंपावत क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है। लेकिन इन सबके बावजूद नगर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बे-पटरी है।
क्या कहते हैं अभियंता:
चंपावत नगर में आमतौर पर पेयजल आपूर्ति सामान्य है। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से क्वैराला पेयजल योजना में सिल्ट आने से आपूर्ति प्रभावित है। इस योजना के बंद होने से ग्रेविटी की अन्य योजनाओं से आपूर्ति की गई। वहीं कल 13 जुलाई को योजना के स्टार्टर में खामी की वजह से व्यवधान आया था।
विपिन विश्वकर्मा,
जेई, जल संस्थान, चंपावत।
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