Sunday May 31, 2026

चंपावत में हुई विचार गोष्ठी में पत्रकारिता के सम्मुख चुनौतियां और उनसे निपटने के उपायों पर मंथन हुआ

काव्य गोष्ठी में वविध विषयों पर प्रस्तुत कविताओं से कवियों ने दिए संदेश

देवभूमि टुडे

चंपावत। डीएम मनीष कुमार ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता विकास और संवाद का सेतु है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर कल 30 मई को देवभूमि टुडे परिसर में हुई विचार गोष्ठी और काव्य गोष्ठी में उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी, उपयोगी सूचनाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने, उन इलाकों की समस्याओं व जरूरतों को प्रशासन तक पहुंचाने में हिंदी पत्रकारिता की सार्थक भूमिका है। डीएम ने कहा कि तथ्यपरक पत्रकारिता के जरिए प्रशासन को समस्याओं की जानकारी और उनके समाधान में मदद मिलती है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. भुवन चंद्र जोशी, साहित्यकार सुभाष जोशी ने डीएम मनीष कुमार का स्वागत किया।

जनकवि प्रकाश जोशी शूल के संचालन में हुए कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन राजेंद्र गहतोड़ी, डॉ. भुवन चंद्र जोशी, सुभाष जोशी, राज्य आंदोलनकारी मंदीप ढेक, विज्ञान समन्वयक नवीन पंत, वरिष्ठ पत्रकार विवेक जोशी, रंग कारवां के पंकज, अंकित व शुभम, वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पांडेय, बृजेश पांडेय, विनोद चतुर्वेदी, गिरीश बिष्ट, ललित मोहन जोशी, कैलाश पांडेय, चंद्रशेखर जोशी आदि ने मौजूदा दौर में पत्रकारिता के सम्मुख चुनौतियां और उनसे निपटने के उपायों पर सुझाव दिए। कहा कि बाजारवाद के दौर में पत्रकारिता विज्ञापन आधारित होने के अलावा शहरी और खास मुद्दों तक सिकुड़ गई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने कविता के जरिए पत्रकारिता के महत्व को प्रस्तुत किया। पत्रकार गिरीश बिष्ट ने सभी अतिथियों का आभार जताया।

काव्य गोष्ठी।
नशे के खिलाफ मुहिम।

ईश्वर का वरदान है जीवन, कुछ करने का नाम है जीवन...

चंपावत। दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी हुई। वरिष्ठ साहित्यकार ग्राम्य विकास विभाग के सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी सुभाष जोशी ने इस कविता से आगाज किया-ईश्वर का वरदान है जीवन, कुछ करने का नाम है जीवन, आंधी-तूफा से जो खेले, उस साहस का नाम है जीवन। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. भुवन चंद्र जोशी ने ये कविता पेश की-शिशु माता के प्यार में, कहां मोल और भाव, क्या इसकी कोई माप है कितना किसे लगाव। जीआईसी सिप्टी के प्रवक्ता और नशा हटाओ जीवन बचाओ के संयोजक सामश्रवा आर्य ने- देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान, क्यों इतना पी रहा इंसान? नशे में होकर गाड़ी चलाता और करता मद्यपान, क्यों इतना पी रहा इंसान?

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पांडेय ने- ओ किशन यो कसो हैगौ पत्रकारिता मिशन सवाल पुछना, मुद्दा उठाना बजाय, चारणभाटगिरी को है रौ जशन। जनता कि आवाज हैरै दरकिनार, सत्ता का गुणगान करनयान अधिकांश कलमकार। जागरण के ब्यूरो प्रभारी बृजेश पांडेय ने -हिंदी से बने हम, हिंदी से चला देश। जीते हैं हम शान से, ऐसा है हम सबका परिवेश। चंपावत के पत्रकार विनोद चतुर्वेदी ने-गरीब की बेटी हूं मैं, मेरे भी कुछ सपने हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने-आजादी का मना महोत्सव याद किया उन वीरों को, हंसते हंसते जूझ गए जो ऐसे उन रणधीरों को, रंग कारवां के अंकित ने -टिहरी आजाद होने में 4 साल अभी बाकी हैं, हिम्मत मत हारो अभी तुमने देखनी हिंद की आजादी है। शुभम ने - तू और मैं मिले मिलकर हम बने, जरूरी है क्या? चलो माना हम बने, फिर हम, हम में मिलकर हदमदम बने, जरूरी है क्या? जनकवि प्रकाश जोशी शूल-अब तक जिंदा हूं, क्या ये कम है? कलम का कारिंदा हूं, क्या ये कम है? मैं किसी मंच की शोभा नहीं तो ना सही, भीड़ में भी चुनिंदा हूं, क्या ये कम है?

कविता सुनाते कविवर। 

डॉ. जोशी व शिक्षक पंत का हुआ अभिनंदन

चंपावत। हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नवाजे गए चंपावत के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. भुवन चंद्र जोशी का हिंदी पत्रकारिता दिवस पर अभिनंदन किया गया। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ. जोशी सेवानिवृत्ति के बाद से बीते डेढ़ दशकों से शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न अभियानों के जरिए समाज को जागरूक कर रहे हैं। इस योगदान के लिए डॉ. जोशी को इस साल 30 अप्रैल को उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से सम्मानित एक-एक वरिष्ठ नागरिक सम्मान के लिए चयनित किया गया था। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार प्राप्त विज्ञान शिक्षक नवीन पंत का भी अभिनंदन किया गया। विज्ञान विषय को सरल तरीके से छात्र-छात्राओं को सीखाने और विभिन्न विज्ञान प्रदर्शनी में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शिक्षक नवीन पंत को इस साल मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

डॉ. भुवन चंद्र जोशी व शिक्षक नवीन पंत का अभिनंदन।




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