रीठा साहिब जोड़ मेले का आगाज
सेवा और बलिदान की सीख देता है सिख धर्म
देवभूमि टुडे
चंपावत/रीठा साहिब। जो बोले सो निहल, सत श्री अकाल...के उद्घोष के साथ रीठा साहिब का जोड़ मेला शुरू हो गया। तीन दिनी मेले का आज 29 मई को पवित्र ग्रंथ साहिब पाठ की लड़ी के बीच दिल्ली की कार सेवा प्रमुख सुरेंद्र सिंह, वचन सिंह, अजीत पाल सिंह, दलजीत सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, एसडीएम नितेश डांगर ने रिबन काटकर शुभारंभ किया।







गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद गुरुद्वारा परिसर के दीवान हाल में वक्ताओं ने कहा कि गुरु नानक देव जी की साधना और चमत्कार ने रीठा साहिब के कड़वे रीठों में मिठास भर मानवता को प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश दिया है। रीठा साहिब की पवित्र धरती देवभूमि की गुरु परंपरा की समृद्ध थाथी है। नानक जी के बताए भलाई के मार्ग पर चलने की अपील करते हुए कहा कि जोड़ मेले से लोक संस्कृति और लोक पंपराओं को बढ़ावा मिल रहा है। शुभारंभ मौके पर जिला पंचायत सदस्य सोनू बोहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह, ग्राम प्रधान कुंदन सिंह, लक्ष्मण सिंह मेहता, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कमलेश बिष्ट, मेले के सुरक्षा प्रभारी कमलेश भट्ट आदि मौजूद थे।
संतों ने सिख धर्म गुरुओं की सेवा और बलिदान की अदभुत मिसाल सबके लिए प्रेरणादाई है। संतों ने अमृतवाणी के अलावा रीठा साहिब गुरुद्वारे का इतिहास बताया। अखंड सबद-कीर्तन और लंगर चल रहा है। ग्रंथी अजीत सिंह, मंजीत सिंह, जनरल सिंह, करनल सिंह सहित कई ग्रंथी अखंड पाठ कर रहे हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने सभी का स्वागत किया। बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री बर्तन, जूते-चप्पल साफ कर सेवा में हाथ बंटा रहे हैं।
रीठा साहिब के तीन दिवसीय जोड़ मेले के पहले दिन आज 29 मई को बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के अलावा नानकमत्ता, हल्द्वानी, खटीमा, सितारगंज, काशीपुर सहित कई जगहों से संगत पहुंची। तीर्थयात्रियों ने रतिया और लधिया नदी के संगम पर स्नान कर गुरु के दरबार में मत्था टेका। इसी के साथ श्री गुरुग्रंथ साहिब के अखंड पाठ की लड़ी शुरू हुई। मुख्य मेला कल 30 मई को होगा।
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