शगुन के रूप में मिली राशि में से 80 प्रतिशत हिस्सा कन्या के विवाह के उपयोग में लाने का पहले छतकोट पंचायत ने किया था ऐलान
इस ऐलान का विरोध करते हुए रविवार को हुए कन्यादान में मिली समूची राशि वर पक्ष को दी गई
देवभूमि टुडे
चंपावत। अमोड़ी छतकोट क्षेत्र में विवाह पर मिलने वाली शगुन की समूची धनराशि दूल्हे पक्ष को दी जाएगी। और कल 3 मई को हुए कन्यादान से इसकी शुरुआत की गई। दरसल क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके छतकोट में पिछले दिनों शगुन के रूप में मिली धनराशि में से 20 प्रतिशत हिस्सा दूल्हे को दहेज में देने और शेष 80 प्रतिशत राशि कन्या के विवाह के उपयोग में लाने के लिए कन्या के परिजनों को देने का ऐलान किया गया था। पिछले सप्ताह पंचायत ने एक विवाह के जरिए इसका आगाज भी कर दिया था। लेकिन अब उसी छतकोट पंचायत क्षेत्र के पूर्व ग्राम प्रधान विजय सिंह राना सहित कुछ लोगों ने इससे नाइत्तफाकी जताई है।
उन्होंने छतकोट क्षेत्र में कन्या के विवाह पर किए गए नए रीति-रिवाज का विरोध किया है। पूर्व प्रधान राना ने कहा कि विवाह में मिलने वाला उपहार या कन्यादान की संपूर्ण राशि पुराने रिवाज के अनुरूप दूल्हे पक्ष को दी जाएगी। कहा कि जब बेटी को 20 साल तक पालन-पोषण करके विदाई दी जाती है, तब कन्यादान की राशि भी वर पक्ष को ही दी जानी चाहिए। साथ ही कल 3 मई को छतकोट क्षेत्र में हुए विवाह में उपहार या कन्या दान के रूप में मिली पूरी राशि दूल्हे पक्ष को दहेज के रूप में दी गई है।
© 2026. All Rights Reserved.