मटियानी गांव की प्रियंका सामंत के शिशु की मौत का मामला
डीएम ने जांच करने के सीएमओ को दिए निर्देश
देवभूमि टुडे
चंपावत। गर्भस्थ शिशु की मौत के प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित की गई है। डीएम मनीष कुमार ने उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और अन्य तथ्यों का बारीकी से परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सीएमओ डॉ. देवेश चौहान को निर्देश दिए हैं।

लोहाघाट के मटियानी गांव की प्रियंका सामंत (22) के गर्भ में पल रहे शिशु की जान बचाने के लिए 1 नहीं 2 नहीं बल्कि 3 अस्पताल की परिजनों ने दौड़ लगाई, लेकिन फिर भी नन्हीं जान नहीं बच सकी। शिशु की दुनिया देखने से पहले ही गर्भ में ही मौत हो गई। प्रियंका के पति जीवन सिंह सामंत का कहना है कि 12 अगस्त को लोहाघाट में हुए अल्ट्रासाउंड में शिशु को ठीक बताया गया, लेकिन 18 अगस्त को चंपावत के एक निजी अस्पताल में हुए अल्ट्रासाउंड में शिशु के मृत होने की जानकारी मिलती है। दोनों अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट को लेकर भी जीवन सिंह सामंत के सवाल हैं। साथ ही लोहाघाट से चंपावत जिला अस्पताल और जिला अस्पताल से लोहाघाट उप जिला अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट के लिए रेफर करने के फेर से भी गर्भ में पल रहे शिशु की जान खतरे में पड़ी। जीवन सिंह सामंत ने सरकारी अस्पताल में इलाज में कमी का आरोप भी लगाया है।
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