चिकित्सा प्रबंधन समिति के जरिए चालक की अस्थाई व्यवस्था को अनुमोदन
1 जून से बिना चालक हैं टनकपुर उप जिला अस्पताल के 3 वाहन
देवभूूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र के सबसे बड़े टनकपुर उप जिला अस्पताल के बीएलएसए (बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) के लिए 15 सितंबर को ड्राइवर मिल जाएगा। सूचना विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक ड्राइवर की व्यवस्था चिकित्सा प्रबंधन समिति के जरिए होगी। टनकपुर अस्पताल की एंबुलेंस सहित 3 वाहन इस साल 1 जून से ड्राइवर नहीं होने से उपयोग में नहीं आ रही थी।
टनकपुर उप जिला अस्पताल अस्पताल में एंबुलेंस सहित 3 वाहन हैं। 5 साल पूर्व बीएलएसए (बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) दी गई थी, लेकिन इस साल 1 जून से यह एंबुलेंस उपयोग लायक नहीं है। इसके अलावा अस्पताल के चिकित्साधीक्षक का वाहन के अलावा एक अन्य वाहन भी बगैर चालक धूल फांक रहा है। इस कारण अस्पताल को दवाइयां और अन्य जरूरी काम के लिए भी इधर-उधर से व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है।



अलबत्ता अब टनकपुर अस्पताल के चिकित्सा प्रबंधन समिति के प्रस्ताव को डीएम की मंजूरी मिल गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि प्रबंधन समिति के प्रस्ताव के मुताबिक स्थाई व्यवस्था नहीं होने तक प्रबंध समिति के जरिए ड्राइवर की व्यवस्था की जा रही है। 15 सितंबर से टनकपुर अस्पताल को ड्राइवर मिल जाएगा। ड्राइवर की तैनाती के लिए प्रक्रिया चल रही है। महानिदेशक से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
मीडिया ने उजागर किया था मामला:
टनकपुर उप जिला अस्पताल में इस साल 31 मई को ड्राइवर धर्मवीर के रिटायर होने के बाद से कोई चालक नहीं था। इस वजह से अस्पताल के तीनों वाहन किसी काम के नहीं रह गए थे। डिजिटल पोर्टल देवभूमि टुडे, उत्तराखंड अपडेट्स में 5 सितंबर और उत्तर उजाला में 5 सितंबर और हिंदुस्तान में आज 13 सितंबर को इस खबर को प्रकाशित किया गया था। मीडिया द्वारा मामले को उजागर करने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
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