सितारगंज-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर टनकपुर–बनबसा फोरलेन में बदलाव की सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक ने की मांग
SDM के जरिए CM धामी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री टम्टा को भेजा ज्ञापन
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। सितारगंज-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन निर्माण को लेकर क्षेत्र में बढ़ती जन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा को पूर्णागिरी के SDM के माध्यम से ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वर्तमान प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि यह कार्य घनी आबादी, बाजार एवं कृषि भूमि से होकर किया जा रहा है। इससे आम जनता, किसानों, व्यापारियों एवं विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के कारण हजारों लोगों के आवास एवं व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका है। सीमांत किसानों की कृषि भूमि समाप्त होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है, जिससे उनकी आजीविका संकट में पड़ सकती है।
ककरालीगेट से बनबसा तक स्थित विभिन्न विद्यालयों में पढ़ रहे 10 हजार विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।
टनकपुर एवं बनबसा के मुख्य बाजार एवं बस स्टेशनों पर रज लगभग 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, जिससे यातायात दबाव अत्यधिक बढ़ जाएगा।
यह मार्ग मां पूर्णागिरी धाम का मुख्य मार्ग होने के कारण वर्षभर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाएगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश के अन्य शहरों में यातायात एवं जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाईपास अथवा एलिवेटेड सड़कों का निर्माण किया जाता है, लेकिन टनकपुर–बनबसा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है।
अतः जनहित को सर्वोपरि रखते हुए मांग की गई है कि टनकपुर–बनबसा मार्ग पर एलिवेटेड सड़क या वैकल्पिक बाईपास स्वीकृत किया जाए। प्रस्तावित बाईपास को जगबुड़ा पुल से हुड्डी क्षेत्र होते हुए किरोड़ा नाले के पास से निकाला जाए, जिससे न्यूनतम भूमि अधिग्रहण हो और स्थानीय जनता को कम से कम नुकसान पहुंचे। ज्ञापन में शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्रवासियों को राहत देने की मांग की गई है।
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