Monday Apr 27, 2026

दिगालीचौड़ क्षेत्र का है हाईस्कूल का छात्र

लोहाघाट से जिला अस्पताल लाने के बाद हल्द्वानी रेफर

73% अंक लाने से भी संतुष्ट नहीं था छात्र

देवभूमि टुडे

चंपावत। लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत दिगालीचौड़ क्षेत्र के एक गांव के एक नाबालिग छात्र के घर के भीतर फांसी लगाने की खबर है। आननफानन में छात्र को लोहाघाट उप जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें चंपावत जिला अस्पताल लाया गया।

 

जानकारी के मुताबिक आज 25 अप्रैल को हाईस्कूल बोर्ड के परीक्षा परिणाम में दिगालीचौड़ क्षेत्र के एक छात्र के उम्मीद से कम नंबर आए। छात्र ने 73 प्रतिशत अंक हासिल किए। बताते हैं कि रिजल्ट आने के कुछ देर बाद छात्र ने एकएक घर में फांसी लगा दी। जानकारी मिलने पर परिजन छात्र को तत्काल उप जिला अस्पताल ले गए। CMS डॉ. विराज राठी के मुताबिक छात्र की हालत गंभीर है। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि

हालत फिलहाल स्थिर है। लेकिन गले की नस के दबने की वजह से भविष्य में कोई दिक्कत न हो, छात्र को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी मिलने पर अस्पताल पहुंचे भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र पांडेय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता सचिन जोशी सहित कई लोगों ने अस्पताल जाकर छात्र के इलाज में मदद की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्य शिक्षाधिकारी मान सिंह ने छात्रों और अभिभावकों से परीक्षा परिणाम को लकर कोई भी गलत कदम नहीं उठाने की अपील की है। असफल होने या नंबर कम आने पर निराश होकर गलत कदम न उठाएं। सिर्फ नंबर किसी की प्रतिभा का एकमात्र मूल्यांकन नहीं है।

परीक्षा परिणाम से अधिक मूल्यवान है जिंदगी:

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी ने बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर किसी तरह के तनाव या आत्महत्या के विचारों को रोकने के लिए अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जीवन परीक्षा के परिणामें से कहीं अधिक मूल्यवान है। उन्होंने कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं।

1.परीक्षा के नंबर कम आने या अपेक्षा के अनुरूप नहीं आना पूरे जीवन की योग्यता का निर्धारण नहीं करते हैं।

2.अगर परिणाम निराशाजनक हो, तो मन में न दबाएं। माता-पिता, मित्रों या शिक्षकोंं से बात करें, उनसे सलाह लें।

3.किसी तरह की दुविधा, असमंजस होने पर भारत सरकार की 14416 (टेली मानस) हेल्पलाइन पर कॉल करें। इससे गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिलेगी।

4.बच्चे के व्यवहार में किसी तरह का बदलाव महसूस करने पर माता-पिता तुरंत मनोचिकित्सक या डॉक्टरी सलाह लें।




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