चंपावत में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं
'महिला आयोग आपके द्वार' अभियान के तहत दर्ज हुई 17 शिकायतें
देवभूमि टुडे
चंपावत। महिला आयोग आपके द्वार' के अंतर्गत राज्य महिला आयोग की ओर से आज को चंपावत विकास भवन सभागार में महिला जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने की। उनके साथ आयोग की सदस्य किरण देवी भी मौजूद रहीं।
जन सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रखीं। अध्यक्ष ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और शासन की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कुसुम कंडवाल ने कहा कि आयोग का लक्ष्य उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचकर उन्हें न्याय दिलाना, उनकी पीड़ा को समझना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कहा कि प्रत्येक महिला की समस्या को समझा और सुना जाएगा और साथ ही हर संभव सहायता की जाएगी। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि यदि कोई महिला अपनी समस्या या शिकायत लेकर आए तो उन्हें मायूस होकर न जाना पड़े। इस दौरान 17 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्रवाई के लिए मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। वन स्टाप सेंटर की समीक्षा के दौरान प्रशासक रितु सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 के 364 पंजीकृत मामलों में से 337 का सफल निस्तारण किया जा चुका है। प्रक्रियागत केस 27 तथा कुल आश्रय केस 56 है। कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर पुष्पा चौधरी ने किया।



ये शिकायतें भी सामने आई:
सुनवाई के दौरान एक महिला ने अपने पति के कई वर्षों से घर न आने के साथ ही फोन न उठाने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अध्यक्ष ने CO को तत्काल जांच के निर्देश दिए। एक विधवा महिला ने अपने बच्चों के भरण-पोषण हेतु समस्या रखी गई, जिस पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को बच्चों के स्पांसरशिप के तहत कार्रवाई करने के साथ ही सेवायोजना अधिकारी को प्रयाग पोर्टल के माध्यम से महिला को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। कुछ महिलाओं द्वारा घरेलू हिंसा के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त आयोग ने दो पीड़िताें को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया गया।
ये रहे मौजूद:
जन सुनवाई के दौरान नगर पालिका चंपावत की अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोरा, पूर्व भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, CDO डॉ. जीएस खाती, ADM कृष्ण नाथ गोस्वामी, CO वंदना वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल, महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा सहित चिकित्सा, पर्यटन, विद्युत, श्रम प्रवर्तन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी।




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