Friday Sep 25, 2026

चंपावत जिले के सेनानियों के गांव सूखीढांग क्षेत्र के धूरा और चंपावत के पास मौराड़ी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को अपग्रेड कर इंटर कॉलेज बनाया गया

स्कूलों के उच्चीकृत होने से छात्र-छात्राओं को अपने गांवों के पास के ही स्कूलों में पढ़ाई का लाभ मिलेगा

देवभूमि टुडे

चंपावत। 1 महीने के अंतराल में दूसरी बार चंपावत जिले के दो और राजकीय हाईस्कूलों को उच्चीकृत बनाए जाने का शासनादेश हुआ है। 7 सेनानियों के गांव सूखीढांग क्षेत्र के धूरा और चंपावत के पास मौराड़ी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को अपग्रेड कर इंटर कॉलेज बनाया गया है। इन स्कूलों के उच्चीकृत होने से छात्र-छात्राओं को अपने गांवों के पास के ही स्कूलों में पढ़ाई का लाभ मिलेगा। इन दोनों विद्यालयों को 31 अगस्त 2022 को उच्चीकृत करने का मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था। सेनानी उत्तराधिकार कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोरी सहित क्षेत्र के लोगों ने उच्चीकरण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है।

 

इससे पूर्व 25 अगस्त को चंपावत जिले के 3 (सल्ली, पल्सों एवं डूंगरालेटी) राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम का उच्चीकरण हुआ था। 3 विद्यालयों में अगले शिक्षा सत्र से इंटर तक की कक्षाएं और पासम में हाईस्कूल की कक्षाएं चलेंगी।  इन सभी विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों के पदों को भी सृजित किया गया है। इसी साल अप्रैल में तलियाबांज राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत कर GIC का दर्जा दिया गया था। यहां 11वीं की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।

मगर अब भी 5 स्कूलों को है उच्चीकरण का इंतजार:

इस साल अप्रैल में 1, पिछले माह अगस्त में चंपावत जिले के 4 एवं 23 सितंबर को 2 विद्यालयों का उच्चीकरण हुआ है। स्कूल के उच्चीकरण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को नजदीक में पढ़ाई का लlभ मिलेगा। लेकिन 5 माध्यमिक विद्यालयों को अभी भी उच्चीकरण इंतजार है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 अगस्त 2022 को 7 और 24 फरवरी 2023, 14 अप्रैल 2023 व 30 अगस्त 2023 को एक-एक (कुल 10) राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के उच्चीकरण का ऐलान किया था। मगर अब भी 5 स्कूलों का उच्चीकरण नहीं हुआ। फुंगर, गोली, डुंगराबोरा, नरसिंह डांडा और बिरगुल का उच्चीकरण नहीं हो सका। इन स्कूलों के आसपास के छात्र, अभिभावक एवं ग्रामीणों का उच्चीकरण का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ।

 






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