Wednesday Nov 4, 2026

कुमांऊनी भाषा में होने वाली श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का कलश यात्रा के साथ हुआ आगाज

जीवन के हर क्षण में काम आता है कलश:पंडित गिरीशानंद शास्त्री महाराज

पूर्णागिरी के अखंड धूनी स्थल में 20 अक्टूबर को हवन के बाद भंडारा होगा

देवभूमि टुडे

चंपावत/पूर्णागिरि धाम। मां पूर्णागिरि धाम में कलश यात्रा के साथ 8 दिनी श्रीमद्भागवत कथा का श्रीगणेश हो गया है। यह कथा मां पूर्णागिरी धाम के अखंड धूनी स्थल में कुमाऊंनी भाषा में हो रही है। आज तृतीय नवरात्र (13 अक्टूबर) की सुबह रंग्याली पिछौड़ी में सजी महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ पवित्र धूनी स्थल से पूर्णागिरि मंदिर तक कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा के समय मां के जयकारों से पूर्णागिरि धाम गूंज उठा। पूर्णागिरी मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी पूर्णागिरी धाम में वर्ष 2024 से कथा का आयोजन किया जा रहा है।

कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु।

कलश यात्रा के बाद कथा स्थल पर कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए। कथावाचक पंडित गिरीशानंद शास्त्री महाराज ने कुमाऊंनी भाषा में कथा का प्रवचन किया। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का प्रारंभ कलश यात्रा के बाद शुरू हुआ है। कहा कि कलश हमारे जीवन के हर क्षण में काम आता है। जन्म के समय भी कलश स्थापना की जाती है और मरने के समय भी शरीर के साथ कलश विसर्जित किया जाता है। कुल पुरोहित पंडित कुलदीप कुलेठा, पंडित छवि पांडेय, आचार्य खिलानंद, पंडित गौरव जोशी, पंडित कार्तिकानंद बहुगुणा ने धार्मिक अनुष्ठान किए।

यजमान पंडित कमलापति पांडेय ने बताया कि कथा 19 अक्टूबर तक चलेगी। 20 अक्टूबर को यज्ञाहुति एवं भंडारा होगा।  शुभारंभ मौके पर पूर्णागिरी (कालीगूंठ) के ग्राम प्रधान पंडित पंकज तिवारी, संचालन समिति के अध्यक्ष दयानंद पांडे मनोज तिवारी कैलाश पांडे दिनेश पांडेय,  ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख भुवन चंद्र पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, पंडित महेश पांडेय, पंडित नेत्र बल्लभ तिवारी, प्रकाश पांडेय, मनोज पांडेय, राजू तिवारी, कलावती तिवारी, लीलावती तिवारी, मंजू पांडेय, पूजा तिवारी, नीलम तिवारी आदि मौजूद थे।






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