चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध एक ही दिन 30 सितंबर को होगा
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। श्नाद्ध आज 27 सितंबर से शुरू हो गए हैं। लोहाघाट के नामी ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चंद्र पाटनी के मुताबिक पितरों के प्रति श्रद्धा, तर्पण एवं तृप्ति का पावन पक्ष पितृ पक्ष आज 27 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेंगे। चतुर्थी एवं पंचमी का श्राद्ध एक ही दिन 30 सितंबर को होगा।
उनका कहना है कि विशेष रूप से नवमी को माताओं का श्राद्ध और अमावस्या को सभी पितरों का विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान पितरों के निमित्त जल, कुश, तिल, फूल से तर्पण करना अत्यंत फलदायी होता है। पंडित पाटनी का कहना है कि पितृ पक्ष में अपने पितरों का विधिवत तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। साथ ही परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है।
पितृ पक्ष 2026 की तिथियां:
27 सितंबर रविवार -प्रतिपदा - श्राद्ध आरम्भ।
28 सितंबर सोमवार - द्वितीया।
29 सितंबर मंगलवार - तृतीया।
30 सितंबर बुधवार - चतुर्थी/पंचमी (दोनों श्राद्ध एक साथ)।
1 अक्टूबर गुरुवार - षष्टी।
2 अक्टूबर शुक्रवार - सप्तमी।
3 अक्टूबर शनिवार - अष्टमी।
4 अक्टूबर रविवार - नवमी - (माताओं का श्राद्ध)।
5 अक्टूबर सोमवार - दशमी।
6 अक्टूबर मंगलवार - एकादशी।
7 अक्टूबर बुधवार - द्वादशी।
8 अक्टूबर गुरुवार - त्रयोदशी।
9 अक्टूबर शुक्रवार - चतुर्दशी।
10 अक्टूबर शनिवार - अमावस्या पितृ विसर्जन।
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