चंपावत ऑडिटोरियम में शी फार स्टेम उत्तराखंड कार्यक्रम
50 मेधावी छात्राओं को बांटी 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति एवं लैपटॉप
देवभूमि टुडे
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत ऑडिटोरियम में आयोजित शी फॉर स्टेम उत्तराखंड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और नवाचार का युग है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश की बेटियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान और प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। जब बेटियां विज्ञान के क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी, तभी एक सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण संभव होगा। इस दौरान सीएम ने चंपावत में महिला प्रौद्योगिकी व आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना करने की घोषणा की।

आज 31 मार्च को गोरलचौड़ सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य की 50 मेधावी छात्राओं को प्रति छात्रा 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी। विभिन्न छात्र-छात्राओं को स्टेम लैपटॉप वितरित कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवाचार को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास हो रहा है और प्रदेश में विकसित हो रहे साइंस एवं इनोवेशन केंद्र भविष्य में विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। CM ने कहा कि विज्ञान शिक्षा से छात्राओं में तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने में सक्षम बनती हैं। कहा कि चंपावत में निर्माणाधीन साइंस सेंटर का युवाओं में विज्ञान एवं अनुसंधान को नई दिशा देगा। उन्होंने चंपावत जिले में विज्ञान रेडियो केंद्र की स्थापना के साथ जिले को आदर्श जिले के अलावा ‘रेजिलिएंट’ जिले के रूप में भी विकसित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडेय, UCOST के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, विज्ञानशाला इंटरनेशनल की संस्थापक डॉ. दर्शना जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, DM मनीष कुमार, SP रेखा यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
महिला उद्यमियों ने साझा किए अनुभव:
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों ने विज्ञान एवं तकनीकी प्रशिक्षण से हुए सकारात्मक बदलावों को साझा किया। ग्राम कांडा की दिया ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपने अनुभव बताए। भिंगराड़ा की ग्राम प्रधान गीता भट्ट ने पिरूल ब्रिकेटिंग यूनिट के माध्यम से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के सफल प्रयासों की जानकारी दी। कमला पांगती ने जूट बैग निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, कैंडी निर्माण एवं मधुमक्खी पालन जैसे प्रशिक्षणों से हुए लाभों को साझा किया।
राज्य के साथ केंद्र सरकार की भी गिनाई उपलब्धियां भी गिनाई:
CM ने राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ मोदी सरकार की उपलब्धियों का भी बखान किया। कहा कि राज्य सरकार महिला उद्यमियों को हस्तशिल्प, ऐपण कला, मंडुवा उत्पाद, सैनेटरी पैड निर्माण, औषधीय मशरूम उत्पादन एवं एरोमा मिशन के तहत सुगंधित पौधों की खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और कोरोना वैक्सीन, चंद्रयान-3 तथा आदित्य एल-1 जैसी उपलब्धियां इसका प्रमाण हैं। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास पर निर्भर करती है।‘विज्ञान ज्योति कार्यक्रम’ के माध्यम से कक्षा नौ से 12 तक की बालिकाओं को स्टेम क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जबकि ‘प्रगति छात्रवृत्ति योजना’ के अंतर्गत इंजीनियरिंग की छात्राओं को प्रति वर्ष 50 हजार की सहायता प्रदान की जा रही है। महिला वैज्ञानिक योजना के तहत महिलाओं को अनुसंधान के लिए फेलोशिप भी दी जा रही है। उत्तराखंड में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू कर टेक्नोलाजी, डिजिटल गवर्नेंस, शोध एवं विकास के अनुरूप मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। एआई रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब जैसी पहल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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