Saturday May 9, 2026

पूर्व ग्राम प्रधान प्रताप सिंह की पहल पर पचनई में हुए विवाह में कन्या दान में मिली कुल राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा कन्या के परिजन विवाह के उपयोग में लाए

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत जिले के एक और गांव में विवाह के मौकों पर दी जाने वाली शगुन की राशि को लेकर नई पहल की गई है। छतकोट क्षेत्र के बाद पचनई ग्राम पंचायत में पूर्व ग्राम प्रधान प्रताप सिंह की पहल पर ये कदम उठाया गया है। पचनई में कल 7 मई को हुए विवाह में इस पहल को पहली बार मूर्त रूप दिया गया। इस पहल का खुद दूल्हे और उनके परिजनों ने भी स्वागत किया।

विवाह समारोह।

विवाह में कन्या दान के लिए मिलने वाली कुल राशि का 80 प्रतिशत हिस्सा कन्या के परिजन विवाह के लिए उपयोग में लाए। जबकि शेष 20 प्रतिशत रकम वर पक्ष को दी गई। कहा गया कि इसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर कन्या पक्ष को राहत पहुंचेगी। 

वैसे इस पहल का आगाज 30 अप्रैल को छतकोट ग्राम पंचायत में हुए एक विवाह से हुआ था। ग्राम प्रधान रेखा बोहरा के इस आइडिया को अब दूरदराज के कई गांवों में भी अपनाया जा रहा है। छतकोट से शुरू यह पहल अब पचनई तक पहुंच गई है। कहा गया कि शादी-ब्याह में मेहमान और नाते-रिश्तेदार कन्या पक्ष को शगुन में धन या दूसरे उपहार देते हैं। आमतौर पर उपहार के साथ नकद की पूरी राशि दहेज में दे दी जाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर कन्या के परिजनों का आर्थिक भार बढ़ जाता है। खासकर दूरदराज और कमजोर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की स्थिति आती है। इसके विकल्प के रूप में इस पहल को आगे बढ़ाया गया है। शगुन की यह परंपरा 'आज आपकी मदद, कल मेरी मदद' के सिद्धांत पर टिकी है। जो आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र में एकता और सहयोग का भाव बनाए रखती है।




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