Thursday Sep 10, 2026

हिमालय दिवस पर सीमांत मंच GIC में कई प्रतियोगिताएं भी हुई

RSETI के पूर्व निदेशक जनार्दन चिलकोटी ने विद्यार्थियों को बताया कैसे बचाएं पर्यावरण

देवभूमि टुडे

चंपावत। RSETI (ग्रामीण स्वराजगा प्रशिक्षण संस्थान) के पूर्व निदेशक  जनार्दन चिलकोटी ने कहा कि हिमालय केवल उत्तराखंड की पहचान ही नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा भी है। आज 9 सितंबर को हिमालय दिवस पर राजकीय इंटर कॉलेज मंच में मुख्य अतिथि चिल्कोटी नेहिमालय के संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने और दैनिक जीवन में स्वच्छता, जल संरक्षण तथा पौधारोपण जैसे कार्यों को अपनाने की नसीहत दी।

इस मौके पर छात्र-छात्राओं की क्विज़, भाषण, पेंटिंग एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं भी हुईं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को “हिमालय बचाओ-पर्यावरण बचाओ” का संदेश देते हुए प्रकृति एवं हिमालय के संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का आह्वान किया गया।

विजेता छात्र को पुरस्कृत करते RSETI के पूर्व निदेशक जनार्दन चिल्कोटी एवं बयाफ़ की वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक मृणाल आर्या।

मुख्य अतिथि ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका भी निभाई। विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बयाफ़ संस्था द्वारा आयोजित एवं नेस्ले इंडिया द्वारा प्रायोजित “समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम” का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिमालय संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, ग्लोबल वार्मिंग एवं हिमालय बचाओ अभियान के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना रहा।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता:

क्विज़ प्रतियोगिता:कक्षा 12 के जीवन नाथ ने प्रथम, महेन्द्र सिंह ने द्वितीय और कक्षा 11 की गुड़िया जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पेंटिंग प्रतियोगिता:सौरव राम प्रथम, भाविका द्वितीय एवं योगेश बोरा तृतीय रहे।

पोस्टर प्रतियोगिता: ईशा बोरा ने प्रथम, तनुजा महर ने द्वितीय तथा सौरव नाथ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मौजूद रहे ये अधिकारी:

बयाफ़ संस्था की वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक मृणाल आर्या, परियोजना प्रभारी प्रताप रावत, डॉ. दीपक पांगती, परियोजना समन्वयक विमला खर्कवाल, मंच के ग्राम प्रधान अनिल महर, GIC मंच के प्रधानाचार्य अशोक तिवारी सहित शिक्षक एवं बयाफ़ संस्था की टीम।






Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.