Friday Jun 26, 2026

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ का 18 जून से चल रहा है आंदोलन

सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा पूर्णत: बंद करने सहित 7 मांगों को लेकर कर रहे हैं आंदोलन

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। 18 जून से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने वाले देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ का आंदोलन जारी है। सफाई कार्य में ठेका प्रथा बंद करने सहित 7 मांगों को लेकर संघ टनकपुर सहित प्रदेश के अन्य कई शहरों में कर्मी धरना दे रहे हैं।

संघ के जिलाध्यक्ष श्याम सिह बाल्मिकी का कहना है कि जुलाई 2021 में चले आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने एक माह के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन 58 माह से अधिक बीतने के बावजूद आश्वासन पूरा नहीं हुआ। ठेका प्रथा समाप्त करने और अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को लागू होने का इंतजार है। इसी साल कई बार कार्रवाई करने के लिए देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने मांगों पर ठोस कार्रवाई हुए बगैर आंदोलन खत्म नहीं करने का ऐलान किया है। टनकपुर में हुए धरने में संघ के शाखा अध्यक्ष कमलेश बाल्मिकी, मंत्री सुनील बाल्मिकी, संरक्षक राकेश कुमार, उर्मिला देवी, बित्रा देवी, चंदन, विशाल, कपिल बाल्मिकी, राजेंद्र बाल्मिकी, प्रेमपाल बाल्मिकी आदि शामिल थे।

 

आंदोलन की आगे की रूपरेखा:

29 जून को रैली निकाल विरोध।

30 जून से 3 दिन तक एक शिफ्ट का कार्य बहिष्कार।

3 जुलाई से क्रमिक अनशन।

ये हैं मांगें:

1.सफाई कार्य में ठेका प्रथा पूर्णत: बंद किया जाए। वर्षों से काम कर रहे ठेका कर्मियों को नियमित किया जाएं या संविदा मे समायोजित कर नियमितीकरण होने तक समान कार्य समान वेतन दिया जाए।

2.विनियमितीकरण नियमावली 2025 मे कट ऑफ डेट 2018 संशोधन कर 2024-25 की जाए। नियमावली में वर्षों से सेवा दे रहे मौहल्ला स्वच्छता समिति कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों को शामिल कर नियमित किया जाए।

3.वर्ष 2021 में गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

4.सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए मृतकाश्रित नियमावली में शिथिलता बरती जाए और जिस परिवार में माता-पिता दोनों नौकरी पर है. एक की मृत्यु के बाद भी उसके आश्रित को प्राथमिकता से नियुक्ति दी जाए।

5.नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू की जाए।

6.वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक/कनिष्ठ सहायक लिपिक पदों पर सेवा दे रहे पर्यावरण मित्रो को पदोन्नति दी जाए।

7.नगर पालिका परिषद/नगर निगमों/नगर पंचायतों की भूमि पर बने सफाई कर्मियों के आवासों को मालिकाना हक दिया जाए।




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