देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया
सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा पूर्णत: बंद करने सहित 7 मांगों को लेकर कर रहे हैं आंदोलन
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए आज 18 जून से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा बंद करने सहित 7 मांगों को लेकर संघ टनकपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सांकेतिक धरना शुरू किया गया है।
संघ ने कहा कि जुलाई 2021 में चले आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने एक माह के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन 58 माह से अधिक बीतने के बावजूद आश्वासन पूरा नहीं हुआ। ठेका प्रथा समाप्त करने और अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को लागू होने का इंतजार है। इसी साल कई बार कार्रवाई करने के लिए देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
संघ ने कहा कि सफाई कर्मियों ने आज 18 जून से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। टनकपुर में हुए धरने में संघ के शाखा अध्यक्ष कमलेश बाल्मिकी, मंत्री सुनील बाल्मिकी, संयोजक सुनील कुमार, संरक्षक राकेश कुमार, उपाध्यक्ष विनोद, अशोक, छत्रपाल, नरोत्तम, रामदास, राजेंद्र, संदीप कुमार, सूरज, अर्जुन, अशोक, रामप्रकाश, हीरालाल, राजो देवी, मीरा, सुशील कुमार, विनोद, चंदन वाल्मिकी, संजय, सीमा, अमर, योगेश बाबू, शिव कुमार, अतुल, विशाल, शंकर कुमार, सोनू कुमार, अनिल आदि शामिल थे।


ये हैं मांगें:
1.सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा पूर्णत: बंद किया जाए। वर्षों से
काम कर रहे ठेका कर्मियों को नियमित किया जाएं या संविदा मे समायोजित कर नियमितीकरण होने तक समान कार्य समान वेतन दिया जाए।
2.विनियमितीकरण नियमावली 2025 मे कट ऑफ डेट 2018 संशोधन कर 2024-25 की जाए। नियमावली में वर्षों से सेवा दे रहे मौहल्ला स्वच्छता समिति कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों को शामिल कर नियमित किया जाए।
3.वर्ष 2021 में गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
4.सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए मृतकाश्रित नियमावली में शिथिलता बरती जाए और जिस परिवार में माता-पिता दोनों नौकरी पर है. एक की मृत्यु के बाद भी उसके आश्रित को प्राथमिकता से नियुक्ति दी जाए।
5.नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू की जाए।
6.वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक/कनिष्ठ सहायक लिपिक पदों पर सेवा दे रहे पर्यावरण मित्रो को पदोन्नति दी जाए।
7.नगर पालिका परिषद/नगर निगमों/नगर पंचायतो की भूमि पर बने सफाई कर्मियों के आवासों को मालिकाना हक दिया जाए।
ये है आंदोलन की रूपरेखा:
1.18 जून से 3 दिन तक सांकेतिक धरना।
2.22 जून से 3 दिन तक काली पट्टी बांध प्रदर्शन।
3.25 जून से धरना शुरू।
4.29 जून को रैली निकाल विरोध।
5.30 जून से 3 दिन तक एक शिफ्ट का कार्य बहिष्कार।
6.3 जुलाई से क्रमिक अनशन।
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