सल्ली फर्जी गैंग रैप मामले में पांचवें व आखिरी आरोपित राहुल सिंह रावत को लोहाघाट से 25 मई को गिरफ्तार किया गया था, 26 मई को विशेष सत्र न्यायालय ने जमानत अर्जी मंजूर की
कमल रावत, अर्जिता राय, आनंद सिंह महरा और बबलू राम की जमानत अर्जी 23 मई को हो चुकी खारिज
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के सल्ली गांव के फर्जी गैंग रैप मामले में साजिश रचने के पांचवें और आखिरी आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित राहुल सिंह रावत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी था। आरोपित को लोहाघाट क्षेत्र से कल 25 मई को गिरफ्तार किया गया है। आज 26 मई को अदालत में पेश किया गया। पुलिस अदालत से आरोपित की रिमांड नहीं ले सकी। आरोपित को जमानत पर छोड़ दिया गया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपित राहुल सिंह रावत को निजी बांड पर छोड़ने के अदालत ने आदेश दिए। कहा कि पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी से पूर्व गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया है।
सल्ली प्रकरण के पांचवें आरोपित सल्ली गांव के राहुल सिंह रावत के खिलाफ दो मुकदमें दर्ज हैं। पहले मामले (अपराध संख्या 15/26) में राहुल सिंह रावत को पहले अग्रिम जमानत और फिर 23 मई को इस अग्रिम जमानत को एलाउ कर दिया गया था। सल्ली प्रकरण पर पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज मुकदमे (अपराध संख्या 16/26) में राहुल सिंह रावत के खिलाफ न्यायालय ने 21 मई को गैर जमानती वारंट जारी किया था। कोतवाल बीएस बिष्ट का कहना है कि आरोपित राहुल सिंह रावत को कल 25 मई को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रभारी निरीक्षक बच्ची सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक राकेश कठायत, कांस्टेबल कुलदीप सिंह शामिल थे। बहरहाल आज 26 मई को अदालत ने आरोपित को जमानत दे दी।
16 साल की एक बच्ची के साथ 5 मई की रात 3 लोगों पर गैंग रैप का आरोप लगा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने 6 मई को 3 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन गैंग रैप के आरोप पुलिस की जांच में झूठे पाए गए। जिसके बाद पुलिस फर्जी गैंग रैप के 5 साजिशकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है। राहुल सिंह रावत को छोड़ शेष चारों आरोपितों की जमानत अर्जी 23 मई को विशेष सत्र न्यायालय खारिज कर चुकी है। चारों आरोपित पिथौरागढ़ जिला जेल में हैं।
अब तक का घटनक्रम:
1.5-6 मई की रात सल्ली गांव में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दरिंदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया था। पुलिस ने नाबालिग के पिता की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ 6 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी।
2.पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद 7 मई की शाम को नाबालिग के साथ दरिंदगी की घटना को फर्जी बताया था। कहा कि यह पूरा प्रकरण बदले की भावना से रची साजिश थी।
3.साजिश रचकर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोप में सल्ली निवासी कमल रावत, कनलगांव निवासी उसकी महिला मित्र अर्जिता राय, बनबसा निवासी कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद सिंह महरा के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने 8 मई को कमल रावत और अर्जिता राय को जेल भेज दिया।
4.साजिश में शामिल अन्य नामजद आरोपित कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद सिंह महरा और बबलू राम को पुलिस ने 13 मई को गिरफ्तार किया था।
5.चारों गिरफ्तार आरोपितों की जमानत अर्जी विशेष सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है।
6.पांचवें और आखिरी आरोपित राहुल रावत को 25 मई के गिरफ्तार किया गया, लेकिन आरोपित राहुल रावत को आज 26 मई को विशेष सत्र न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
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