अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने DM के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा
19 सूत्रीय मांग पत्र दिया
देवभूमि टुडे
चंपावत। अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन ने SC-ST विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग, छात्रावास एवं डिजिटल सहायता योजनाओं को सशक्त करने की मांग है। संगठन ने इसके अलावा 18 अन्य मांगों को उठाया है। इन तमाम मांगों को लेकर संगठन ने आज 12 जून को DM मनीष कुमार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मोहन लाल सोनियाल, मंत्री सुरेश प्रसाद विश्वकर्मा सहित संगठन के कई शिक्षक नेता शामिल थे।



ये हैं 19 सूत्रीय मांगें:
1.SC-ST विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, पात्रता नियमों का सरलीकरण, एकल खिड़की प्रणाली, आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि 5 वर्ष निर्धारित करने व छात्रवृत्ति का समयबद्ध भुगतान।
2.न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उसकी संस्तुतियों पर समयबद्ध क्रियांवयन।
3.प्रत्येक वर्ष पारदर्शी, ऑनलाइन एवं काउंसलिंग आधारित स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने व प्राथमिक शिक्षा में अंतर-मंडलीय स्थानांतरण की व्यवस्था।
4.लंबित पदोन्नति प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करते हुए पदोन्नति में आरक्षण संबंधी संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों का अनुपालन।
5.आरक्षण रोस्टर प्रणाली का अनुपालन करते हुए विभागवार बैकलॉग रिक्तियों के लिए विशेष भर्ती अभियान।
6.अति दुर्गम एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए रोस्टर आधारित संतुलित नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
7.SC-ST विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग, छात्रावास एवं डिजिटल सहायता योजनाओं को सुदृढ़ करना।
8.संविदा, उपनल एवं आउटसोर्सिग सेवाओं में नियमानुसार आरक्षण।
9.अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलो के शिक्षक कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए स्थाई, पारदर्शी एवं समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्वित हो। साथ ही 426 तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण हो।
10.स्वच्छक कर्मियों के मानवाधिकारों, श्रम गरिमा एवं सामाजिक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते ठेका व्यवस्था की समीक्षा कर स्थाई नियुक्ति एवं नियमितीकरण।
11.पात्र शिक्षक-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
12.गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत OPD सहित कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाए।
13.इंदु कुमार पांडे समिति की लंबित संस्तुतियों समयबद्ध क्रियांवयन हो।
14.विभागवार SC-ST प्रतिनिधित्व, आरक्षण रोस्टर एवं बैकलॉग रिक्तियों का श्वेत पत्र जारी हो।
15.आरक्षण, रोस्टर, पदोन्नति एवं प्रतिनिधित्व संबंधी विषयों हेतु उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
16.अंतर्राज्यीय विवाह पर SC-ST अधिकारों के लिए एकरूप एवं स्पष्ट नीति हो।
17.आयोगों एवं समितियों में SC-ST शिक्षक-कर्मचारी संगठनों का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्वित किया जाए।
18.वर्ष2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, TET एवं पदोन्नति संबंधी विषयों का समाधान किया जाए।
19.शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कायों से मुक्त कर केवल शिक्षण कार्य तक सीमित रखा जाए।
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