उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनरतले टनकपुर के निर्माणाधीन ISBT परिसर में कर्मियों का धरना तीसरे दिन भी जारी
बस बेड़ा बढ़ाने, स्थाईकरण, समान काम-समान दाम सहित कई मांगों को लेकर कर रहे हैं आंदोलन
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। बस बेड़ा बढ़ाने, नियमित नियुक्ति, समान काम-समान दाम सहित कई मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी अब आंदोलन की राह में है। उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनरतले टनकपुर के निर्माणाधीन ISBT परिसर में कर्मियों का धरना आज 26 अक्टूबार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से आवाज उठाने के बावजूद उनकी मांगों का निपटारा नहीं हो रहा है। इससे कर्मचरियों में आक्रोश है। 25 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ ने समाधान के लिए मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, शासन के उच्चाधिकारियों एवं निगम प्रबंधन से संगठन के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय वार्ता कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी प्रस्ताव दिया है।


धरना प्रदर्शन में शामिल थे ये कर्मी:
देवेन्द्र कुमार मिश्रा, दीप चंद शाह, गौरव गुप्ता, नरेन्द्र पाल, मनोज मिश्रा, रवि कुमार, मनीष कुमार, कुलदीप गुप्ता, सुनील गुप्ता, हिमांशु उपाध्याय, राजेन्द्र कुमार, गोविंद कुमार, कमल जीना, पंकज भट्ट, राजेन्द्र कुमार, कुमार विरेन्द्र बिष्ट, महेश राना, श्री नवीन नेगी, श्री कुंदन सिंह, श्री दीपक सिंह, श्री चंद्रमोहन जोशी, चंद्रमोहन पाण्डे, चरणदत्त मुरारी, उमेद सिंह, संजय दयाल, पंकज चोबे, शिवम, योगेश चौहान आदि।
ये हैं मुख्य मांगें:
1.निगम में लंबे समय से कार्यरत संविदा/विशेष श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण एवं नियमित होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए।
2.उत्तराखण्ड रोडवेज के बस बेड़े में 700 नई बसों की उपलब्धता / स्वीकृति एवं खरीद की ठोस कार्यवाही।
3.कर्मचारियों को हर माह 7 तारीख तक वेतन मिले।
4.अन्य प्रदेशों के परिवहन निगमों के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे आवंटित बजट की समीक्षा करते हुये उत्तराखण्ड रोडवेज के कर्मचारियों के वेतन, अन्य देयक, बसों की खरीद एवं अन्य के लिए अलग वित्तीय सहायता की व्यवस्था करते हुए राज्य सरकार द्वारा पृथक Salary Support/Financial Restructuring व्यवस्था बजट में शामिल किया जाए।
5.अर्धकुंभ को देखते हुए अतिरिक्त बसों, ईंधन, मरम्मत, एवं संचालन की जरूरत के लिए अलग से Special Transport Support Fund बनाया जाए। अर्धकुंभ के दौरान होने वाला अतिरिक्त खर्च निगम के सामान्य बजट पर न डाला जाए।
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