टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोडख़ान के पास रोडवेज बस का ब्रेक फेल
पहाड़ी पर टकराने के दौरान टायर के नीचे आने से गई ड्राइवर बेनी राम थ्वाल की जान
लेकिन चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
देवभूमि टुडे
चपावत/टनकपुर। 49 साल के रोडवेज के चालक बेनी राम थ्वाल की ये मौत किसी शहादत से कम नहीं है। उन्होंने अपनी जान देकर 34 जान बचा दी। ये पूरा वाकया टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोडख़ान के पास का है। जहां रोडवेज की बस का ब्रेक फेल हो गया और ढलान पर बस को काबू करने के दौरान ये घटना हुई। एक महिला यात्री को हल्की चोटें भी आई है।
रोडवेज के टनकपुर के सहायक मंडलीय प्रबंधक सुरेश पांडेय ने बताया कि आज 3 जून की सुबह 10.18 बजे एनएच पर मरोडख़ान के पास धारचूला से टनकपुर जा रही रोडवेज की बस (यूके 07पीए 3122) का एकाएक ब्रेक फेल हो गया। ढलान पर आ रही बस को नियंत्रित करने के लिए ड्राइवर बेनी राम थ्वाल ने बस को दाहिनी ओर पहाड़ी पर टकराया। इसी दौरान चालक थ्वाल बस से छिटक कर आगे वाले टायर के नीचे आने से दबकर मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही परिवहन निगम के अधिकारी, प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच राहत कार्य में हाथ बंटाया। बस में कुल 34 यात्री सवार थे। एक महिल यात्री को हल्की चोंटे आई हैं। उन्हें लोहाघाट उप जिला अस्पताल ले जाया गया। चालक थ्वाल के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। रोडवेज ने दूसरी बस का प्रबंध कर मुसाफिरों को टनकपुर के लिए रवाना किया है। बताया गया कि बस 2019 मॉडल है।

शहादत से कम नहीं बेनी राम थ्वाल की ये मौत
चंपावत। टनकपुर डिपो की धारचूला से टनकपुर जा रही रोडवेज बस के चालक बेनी राम थ्वाल ने अपनी जान देकर बस के बाकी यात्रियों की जिंदगी बचा दी। उनकी ये मौत किसी शहादत से कम नहीं है, ऐसा लोगों का कहना है। बड़ोली निवासी 49 साल के थ्वाल के परिवार में पत्नी के अलावा दो संतानें हैं। बेटा फौज में है। जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। मौत की खबर के बाद से परिवार में कोहराम है। क्षेत्र के लोग भी गमगीन हैं।
कब सेहतमंद होगी बीमार रोडवेज?
चंपावत। रोडवेज की बसों के जगह-जगह खराब होने से अक्सर यात्रियों का सामना होता है। बस खराब हो खड़ा होना तो आम बात है, लेकिन ब्रेक फेल होने की घटना भी अब नई नहीं है। इसी साल फरवरी में लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस का लोहाघाट स्टेशन के पास ब्रेक फेल हो गया था। तब भी चालक की सूझबूझ से हादसा बच गया था। और आज 3 जून को एक बार फिर से ब्रेक फेल होना रोडवेज की बसों की दुर्दशा को भी बताता है। बाराकोट के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख नंदाबल्लभ बगौली ने अनफिट और मानक से अधिक रोड पर दौड़ रही बसों को ऑफ रूट करने की मांग की है। कहा कि इनके स्थान पर नई और फिट बसों का संचालन हो।
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