नैनीताल उच्च न्यायालय से कृष्णानंद जोशी को मिली राहत
चंपावत जिले की शक्तिपुरबुंगा जिला पंचायत सीट से सदस्य रहे कृष्णानंद जोशी का निर्वाचन दो जगह मतदाता सूची में दर्ज होने के चलते जिला न्यायालय ने 28 अप्रैल को रद्द कर दिया था
देवभूमि टुडे
चंपावत/ नैनीताल। जिला पंचायत की शक्तिपुरबुंगा सीट से सदस्य रहे कृष्णानंद जोशी को उच्च न्यायालय से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के निर्णय पर स्टे दिया है। उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की बैंच में हुई सुनवाई में आज 22 मई को ये आदेश दिया गया। कहा गया है कि मतदाता सूची में दो जगह नाम होना कदाचार (Malpractice) की श्रेणी में नहीं आता है। इस आधार पर चुनाव रद्द नहीं किया जा सकता है। इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से 2 हफ्ते में जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी।

जिला न्यायालय ने चंपावत जिला पंचायत की शक्तिपुरबुंगा सीट के विजेता प्रत्याशी कृष्णानंद जोशी का मतदाता सूची में दो जगह नाम दर्ज होने के चलते 28 अप्रैल को चुनाव रद्द कर दिया था। साथ ही सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया था। जबकि याचिकाकर्ता और दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी मनमोहन सिंह बोहरा को विजयी घोषित करने के लिए दायर याचिका जिला न्यायालय ने खारिज की थी। इस निर्णय के खिलाफ कृष्णानंद जोशी ने नैनीताल उच्च न्यायालय में अपील की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने जिला न्यायालय के फैसले पर स्टे दिया है।
हरिद्वार जिले को छोड़ उत्तराखंड के शेष 12 जिलों में जुलाई 2025 में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव हुए थे। चंपावत जिले की जिला पंचायत की शक्तिपुरबुंगा सीट से कृष्णानंद जोशी ने भाजपा समर्थित मनमोहन सिंह बोहरा को 345 वोटों से हराया था। कृष्णानंद जोशी को 2259 और मनमोहन सिंह बोहरा को 1914 वोट मिले थे। इसके अलावा मनीष महर को 1734, दिनेश चंद्र चौड़ाकोटी को 1041 और चंद्र सिंह को 812 मत मिले थे। चुनाव नतीजे के खिलाफ दूसरे नंबर पर रहे भाजपा समर्थित प्रत्याशी मनमोहन सिंह बोहरा ने अगस्त 2025 में जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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