पूर्णागिरी में कुमांऊनी भाषा में हो रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में उमड़े श्रद्धालु
पूर्णागिरी के अखंड धूनी स्थल में 19 अक्टूबर तक होगी कथा
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। कथावाचक पंडित गिरीशानंद शास्त्री महाराज ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण कलयुग के प्रभाव को कम करता है। मां पूर्णागिरी धाम के अखंड धूनी स्थल में कुमाऊंनी भाषा में तृतीय नवरात्र से शुरू कथा के तीसरे दिन उन्होंने कहा कि सद्कर्म के जरिए मानव द्वारा सांसारिक एवं आध्यात्मिक जीवन में समन्वय संभव है। आज नवरात्र की षष्टी को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।


मां पूर्णागिरि धाम में चल रही 8 दिनी श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति सहित अन्य श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। पूर्णागिरी मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि कथा 19 अक्टूबर तक चलेगी। जबकि 20 अक्टूबर को यज्ञाहुति एवं भंडारा होगा। इससे पूर्व धार्मिक अनुष्ठान किए गए। तृतीय दिवस में मुख्य यजमान पंडित कमलापति पांडेय, ग्राम प्रधान पंकज तिवारी, प्रकाश पांडेय, मनोज पांडेय, रमेश तिवारी, पूरन तिवारी, कुल पुरोहित पप्पू कुलेठा, छवि पांडेय, दयानंद पांडेय, सोनू पांडेय, कैलाश पांडेय, मनोज तिवारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख भुवन चंद्र पांडेय, राजेंद्र तिवारी, मोहन पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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