खाद्य आयुक्त कार्यालय में 3 नवंबर की बैठक की जानकारी के बाद खत्म किया धरना
मानदेय सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान की कर रहे हैं मांग
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। सोर घाटी के सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने आज 2 नवंबर को लोहाघाट के पूर्ति निरीक्षक कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह बोहरा के नेतृत्व में सस्ता गल्ला विक्रेता कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया। बाद में सोर घाटी संस्था के गल्ला विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज पांडेय भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सरकार ने 3 नवंबर को देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के अध्यक्षों और प्रदेश अध्यक्ष के साथ गल्ला विक्रेताओं की मांगों को लेकर बैठक रखी। 3 नवंबर की बैठक की जानकारी मिलने के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। पूर्ति निरीक्षक चंद्रकला चतुर्वेदी ने भी गल्ला विक्रेताओं से वार्ता कर धरना नहीं करने की अपील की। अलबत्ता संगठन ने चेतावनी दी कि यदि विक्रेताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर के सस्ता गल्ला विक्रेता सामूहिक रूप से इस्तीफा देने को बाध्य होंगे।

धरने में शामिल थे ये गल्ला विक्रेता:
रमेश सिंह ढेक, सुरेश चंद्र जोशी, चंद्र मोहन जोशी, बसंत विश्वकर्मा, कैलाश चौबे, भुवन चंद्र भट्ट, हेमंत कुमार, सरिता अधिकारी,मोहन सिंह, विक्रम सिंह, केदार दत्त, होशियार सिंह, महेंद्र सिंह सामंत, विक्रम सिंह धौनी और हरीश चतुर्वेदी आदि।
ये हैं मांगें:
सस्ता गल्ला विक्रेताओं को मानदेय देने, नेटवर्क की समस्या का समाधान करने, दिल्ली सरकार की तर्ज पर कांटे और तराजू उपलब्ध कराने, मिड-डे मील का पिछले 10 वर्षों का भुगतान करने आदि।
© 2026. All Rights Reserved.