IIT मद्रास के प्रोफेसर प्रेम बिष्ट ने हिमवत्स संस्था द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर चंपावत के कुलेठी में आयोजित कार्यक्रम में ग्रे वाटर की महत्ता बताई
देवभूमि टुडे
चंपावत। हिमवत्स (हिमालया वाटर सर्विस विकास एवं पर्यावरण संरक्षण समिति) के कार्यकारिणी सदस्य और IIT मद्रास के प्रोफेसर प्रेम बिष्ट ने कहा कि ग्रे वॉटर का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही जल संपदा को भी सुरक्षित रख सकता है। विश्व पर्यावरण दिवस पर आज 5 जून को CDLASRC कुलेठी कैंपस में हिमवत्स संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ग्रे वाटर को अपनाकर न केवल पानी का बिल कम किया जा सकता है बल्कि ये कदम पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार है। डॉ. बिष्ट ने कहा ग्रे वाटर घरों की रसोई, स्नानघर, वॉशिंग मशीन आदि से निकलने वाला अपेक्षाकृत साफ अपशिष्ट जल होता है। इसके रिसाइकिल से ताजे पानी की खासी बचत होती है। सीवेज संयंत्रों का बोझ घटता है और प्राकृतिक जल स्रोतों का भी संरक्षण होता है।




मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम नारायण पांडेय एवं विशिष्ट अतिथि सभासद प्रेमा चिलकोटी रही। हिमवत्स संस्था के पंकज बोहरा और प्रकाश पुनेठा के संचालन में हुए कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी ने संस्था के कार्यों एवं पर्यावरण संरक्षण पर विचार रखे। इस अवसर पर 7 राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम का समापन रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन एवं हिमवत्स संस्था के सक्रिय सदस्य राजेंद्र गहतोड़ी ने किया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्ति प्रशासनिक अधिकारी भगवत प्रसाद पांडेय, प्रधानाध्यापक डीडी जोशी, रूद्र सिंह बोहरा, डॉ. एमपी जोशी सहित कई शिक्षक एवं अन्य लोग मौजूद थे।
प्रतियोगिताओं में विजेता रहे ये छात्र:
पोस्टर प्रतियोगिता में लता जोशी प्रथम (खर्ककार्की), विमल सिंह मेहरा द्वितीय (मुड़ियानी), निखिल (कुलेठी) तृतीय स्थान पर रहे। निबंध प्रतियोगिता में अर्पिता टम्टा (मुड़ियानी), निहारिका (फूंगर) और मोहित (खर्ककार्की) क्रमश: पहले तीन स्थानों पर रहे।
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