Friday Jul 3, 2026

चंपावत जिले में पांच स्थानों पर हुआ पूर्वाभ्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से लिया तैयारियों का जायजा

देवभूमि टुडे

चंपावत। मानसून के दौरान आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और विभिन्न विभागों की आपदा प्रबंधन क्षमता को परखने के लिए आज 2 जुलाई को प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ही चंपावत जिले में भी मॉक ड्रिल हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को मानसून अवधि में सतर्कता एवं समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।

जिले के पांच अति संवेदनशील स्थलों पर अलग-अलग आपदा परिदृश्यों के आधार पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिससे वास्तविक परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जा सके।

DM मनीष कुमार ने बताया कि शारदा नदी तटीय क्षेत्र, तहसील पूर्णागिरि में नदी के जलस्तर में वृद्धि, तटीय भू-कटाव, कृषि भूमि एवं आवासीय भवनों को खतरा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं आधारभूत सुविधाओं पर संभावित प्रभाव का परिदृश्य तैयार किया गया। इस दौरान संवेदनशील परिवारों की सुरक्षित निकासी, राहत शिविरों की स्थापना, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था की सुरक्षा तथा नदी की सतत निगरानी की कारवाई का अभ्यास किया गया। 

मॉक ड्रिल।

बाटनागाड़, पूर्णागिरि यात्रा मार्ग, टनकपुर में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन, बोल्डर गिरने तथा यात्रा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। परिदृश्य के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं वाहन मार्ग के दोनों ओर फंस गए थे। इस स्थिति में खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता, श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल एवं अस्थायी आश्रय की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा मार्ग बहाली की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया।

बाराकोट मुख्य बाजार में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को आधार बनाते हुए गुलदार के आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने की सूचना पर वन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने भीड़ नियंत्रण, जन-जागरूकता, रेस्क्यू अभियान तथा प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही का अभ्यास किया। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के संतोला क्षेत्र में भूस्खलन एवं बोल्डर गिरने से मार्ग अवरुद्ध होने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस दौरान सड़क बहाली, यातायात प्रबंधन, फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन एवं पेयजल उपलब्ध कराने आदि का अभ्यास किया गया। धौन क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन से सड़क अवरुद्ध होने एवं वाहनों के फंसने की स्थिति का अभ्यास किया गया। लोक निर्माण विभाग द्वारा मशीनरी के माध्यम से मलबा हटाने, पुलिस द्वारा यातायात नियंत्रण, SDRF एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तथा घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की कारवाई का प्रदर्शन किया।

आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन:

मॉक ड्रिल में पुलिस, SDRF, स्वास्थ्य विभाग, PWD, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निकायों सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान ADM कृष्ण नाथ गोस्वामी, DDMO, देवेंद्र सिंह पटवाल, CMO डां देवेश चौहान, cCVO डा. वसुंधरा गर्ब्याल, PWD के EE मोहन चंद्र पलड़िया, हितेश कांडपाल, SDO (वन) नेहा चौधरी, UPCL के EE विजय सकारिया सहित SDRF, SSB, पुलिस के अधिकारी व अन्य लोग मौजूद थे।




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