Sunday Feb 8, 2026

बनबसा में मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कार्यक्रम

जन भागीदारी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और संतुलित विकास पर हुआ मंथन

देवभूमि टुडे

चंपावत/बनबसा। एनएचपीसी बनबसा सभागार में हुए बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में राज्य के समग्र विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था तथा जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए व्यापक मंथन किया गया।मुख्यमंत्री के अपर सचिव मनमोहन मैनाली के संचालन में हुए कार्यक्रम में सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति की जानकारी दी। बताया कि पिछले पाँच वर्षों में उत्तराखंड के कैपिटल आउटले राशि ₹7,534 करोड़ से बढ़कर ₹14,765 करोड़ तक पहुंच गई है। इसी अवधि में राज्य की GDP वर्ष 2021-22 के ₹2,54,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹4,29,000 करोड़ हो गई है। संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए जन प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा हितधारकों ने सुझाव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा व स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हर गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया। कहा कि सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा।

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने हेतु रिक्त भूमि के उपयोग तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए मानदेय एवं अध्ययन भ्रमण की व्यवस्था जैसे सुझाव दिए गए। शहरी विकास के अंतर्गत नगर निकायों के बजट और संसाधनों में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर पैनल स्थापना, सड़कों और नालियों के बेहतर रखरखाव तथा रजिस्ट्री शुल्क का आंशिक हिस्सा नगर निगमों को उपलब्ध कराने के सुझाव रखे गए।

बजट पूर्व संवाद में मौजूद अधिकारी, प्रतिनिधि व आम नागरिक।

कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में बागवानी और वैल्यू क्रॉप्स को बढ़ावा देने, कीवी और ब्लूबेरी जैसे फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित करने, किसानों तथा विभागीय कार्मिकों के तकनीकी प्रशिक्षण, दूरस्थ क्षेत्रों के कृषकों को विशेष सहायता तथा फल उत्पादन सब्सिडी को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किए जाने के सुझाव सामने आए। उद्योग विकास के अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध खाली भूमि पर उद्योग स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने, MSME को वित्तीय सहायता, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर बल दिया गया।

महिला सशक्तिकरण के लिए हर जिले में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, महिलाओं को ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों की कैंटीन जैसी सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने के सुझाव प्रस्तुत किए गए। पर्यटन क्षेत्र में हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, नेचर टूरिज्म एवं ट्रैकिंग को प्रोत्साहन तथा एग्री-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदाय को पर्यटन से जोड़ने की बात कही गई। इसके अतिरिक्त राज्य में सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, ऊर्जा संकट के समाधान हेतु ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, कृषि आधारित उद्योगों पर GST में कमी, मंडी शुल्क में कमी, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, नगर निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने तथा जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट देने जैसे सुझाव भी प्राप्त हुए।

मौजूद थे ये अधिकारी-प्रतिनिधि:  

प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव नियोजन नरेंद्र सिंह भंडारी, अपर सचिव तकनीकि शिक्षा मनुज गोयल, निदेशक शहरी विकास विनोद गोस्वामी, आयुक्त दीपक रावत, DM मनीष कुमार, ADM कृष्ण नाथ गोस्वामी, CDO डॉ. जीएस खाती,  महानिदेशक आयुक्त उद्योग सौरभ गहरवार, संयुक्त निदेशक, पचायती राज विभाग मनबर सिंह राणा, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद, उप मुख्य परियोजना अधिकारी उरेडा संदीप भट्ट, संयुक्त निदेशक कृषि हल्द्वानी पीके सिंह, , निदेशक डेयरी विकास अशोक कुमार जोशी, सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग अल्मोड़ा अवीनाश कुमार, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण महेंद्र पाल, दिनेश कुमार, USRLM के ACEO प्रदीप कुमार पांडेय, अपर सचिव ऊर्जा विभाग मेहरबान सिंह बिष्ट, सचिव डेयरी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम,  निदेशक उच्च शिक्षा हल्द्वानी डॉ. वीएन खाली, रजिस्ट्रार, कुमाऊं विश्वविद्यालय डॉ. एमएस मंडरवाल, UPCL के MD डॉ. अनिल कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा देवी, चंपावत नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय, लोहाघाट के अध्यक्ष गोविंद वर्मा,  टनकपुर के अध्यक्ष विपिन कुमार  के अलाव समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों व संगठनों के प्रतिनिधिगण, हितधारक आदि।




Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.