Sunday Mar 15, 2026

चंपावत जिले में उल्लास के साथ मनाया गया प्रकृति से जुड़ा फूल देई लोक पर्व

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत जिले के विभिन हिस्सों में प्रकृति से जुड़ा फूलदेई का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। आज 15 मार्च की सुबह छोटे-छोटे बच्चों ने बुरांश, प्योली, सरसों आदि के फूल थालियों व टोकरियों में एकत्र कर घर-घर फेरी लगाने निकल गए। घरों के मुख्य द्वार पर फूल चढाए और "फूल देई, छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार, ये देली स बारंबार नमस्कार" लोक गीत गाया। लोगों ने बच्चों को गुड़, चावल, मिठाई के साथ दक्षिणा देकर आशीर्वाद दिया।

चंपावत मै फूल देई पर्व में देहरी पूजते बच्चे।

मान्यता है कि बच्चे देवस्वरूप होते हैं। फूलदेई के दिन बच्चों का घर के द्वार पर फूल चढ़ाना सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होता है। इस बार फूलदेई पर्व के दिन पापमोचनी एकादशी का अद्भुत संयोग भी बना। चंपावत के अलावा लोहाघाट, टनकपुर, पाटी, बाराकोट विकासखंड के विभिन्न स्थानों पर यह लोकपर्व हर्षोल्लास से मनाया गया।




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