5 सूत्रीय मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने लगाई न्याय की गुहार
1 से 15 सितंबर तक फार्मासिस्ट अपनी नियमित सेवाएं देते हुए बांह पर काला फीता बाधेंगे
देवभूमि टुडे
चंपावत। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले फार्मासिस्ट अधिकारियों ने लंबित समस्याओं को लेकर शासन का दरवाजा खटखटाया है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की चंपावत जिला इकाई ने स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक को ज्ञापन भेज कर फार्मासिस्ट संवर्ग की 5 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी और जिला मंत्री रोशन लाल विश्वकर्मा ने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और लंबे समय से उपेक्षित फार्मासिस्टों को उनका हक दिलाना है।


ये हैं 5 प्रमुख बिंदु:
1.प्रथम पदोन्नति पद का वेतनमान (ACP) देय हो। वर्ष 2009 के बाद नियुक्त कर्मियों को 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम एसीपी का लाभ देने तथा नॉन-फंक्शनल वेतनमान से जुड़ी विसंगति को दूर किया जाए।
2.ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों की पुनर्बहाली।
3.सुरक्षित दवा उपयोग के लिए 'फार्मासी प्रैक्टिस रेगुलेशन 2015' का रेगुलेशन लागू किया जाए।
4.आपदा व दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक दवा देने का अधिकार मिले। चारधाम यात्रा, आपदा या डॉक्टरों की अनुपस्थिति के समय मरीजों के हित में असम व उड़ीसा राज्य की तर्ज पर फार्मासिस्टों को प्राथमिक दवाएं देने हेतु कानूनी रूप से अधिकृत किया जाए।
5.चारधाम व मेला ड्यूटी देयकों का पारदर्शी निस्तारण।
ध्यानाकर्षण हेतु प्रस्तावित कार्यक्रम:
31 अगस्त तक जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों को पत्र सौंपकर मांगों के प्रति समर्थन व समाधान की अपील।
1 से 15 सितंबर तक फार्मासिस्ट अपनी नियमित सेवाएं देते हुए बांह पर काला फीता (काली पट्टी) बांधेंगे।



© 2026. All Rights Reserved.