लोहाघाट में 2041 मास्टर प्लान का लगातार विरोध कर रहे हैं युवा
नियोजन विभाग में सौंपा ज्ञापन
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। ग्राम पंचायत के ग्रामीण प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 का लगातार विरोध कर रहे है। सुई पऊ के लोगों का कहना है कि इससे नगर एवं कॉलोनीवासियों में असमंजस और आक्रोश का माहौल है। क्षेत्र के लोगों ने आज शनिवार को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक विभाग देहरादून को तहसील प्रशासन के जरिए ज्ञापन सौंप आपत्तियां दर्ज कराईं।
ग्रामीणों का कहना है कि मास्टर प्लान तैयार करते समय स्थानीय भौगोलिक, सामाजिक और व्यवसायिक परिस्थितियों की अनदेखी की गई है। उनका आरोप है कि प्रस्तावित योजना से वन भूमि पर उनके परंपरागत हक-हकूक प्रभावित होंगे, जिससे जल, जंगल और जमीन पर ग्रामीणों के अधिकार समाप्त होने की आशंका है।

नागरिकों ने कहा कि ग्राम सभा की कृषि भूमि का व्यावसायिक एवं धरातलीय आकलन किए बिना और किसानों को विश्वास में लिए बिना विकास कार्यों की योजना बनाई गई है। इससे उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचेगा और किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। गांव में लोग आपसी सहमति, अदला-बदली और इकरारनामे के आधार पर खेतों एवं पैतृक भूमि का उपयोग भवन निर्माण और कृषि कार्यों के लिए करते हैं। मास्टर प्लान लागू होने के बाद इस व्यवस्था में कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न होंगी तथा कई रास्ते भी बंद हो सकते हैं।
नागरिकों का कहना है कि मास्टर प्लान-2041 के प्रावधानों, विकास कार्यों, शर्तों और प्रतिबंधों की जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी गई है, जिससे लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की कि मास्टर प्लान को अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और जनहित को ध्यान में रखकर पुनः तैयार किया जाए। ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों ने वर्तमान मास्टर प्लान पर असहमति जताते हुए इसका विरोध किया। ज्ञापन देने वालों में विमलेश थापा, मनोज राय, प्रदीप राय, सैम बिष्ट और सूरज थापा आदि शामिल थे।
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