चंपावत में POCSO का मामला
आरोपी नाबालिग बालक को किशोर न्याय बोर्ड ने हरिद्वार बाल सुधारगृह भेजा
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत क्षेत्र से POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम का एक मामला सामना आया है। गुमशुदा हुई एक नाबालिग बालिका की तलाश होने पर चिकित्सकीय परीक्षण से नाबालिग के गर्भवती होने की तस्दीक हुई। आरोपी नाबालिग बालक को JJB (किशोर न्याय बोर्ड) पेश किया गया, जहां से उसे हरिद्वार बाल सुधारगृह भेज दिया गया। जबकि पीड़िता को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
4 अक्टूबर को चंपावत क्षेत्र के एक मोहल्ले से एक किशोरी की गुमशुदगी का मामला चंपावत कोतवाली की चौखट में पहुंचा। पुलिस ने चंद घंटों में Missing Girl को खोज निकाला। चिकित्सकीय परीक्षण में नाबालिग बालिका के गर्भवती होने की तस्दीक हुई। जिसके बाद आरोपी किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता चंपावत की रहने वाली है, जबकि मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र के आरोपी का परिवार करीब 2 दशक से चंपावत में रहता है। आरोपी के माता-पिता यहां काम करते हैं।
क्या कहते हैं पुलिस आधिकारी:
गुमशुदा किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि के बाद POCSO अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी नाबालिग किशोर को 5 अक्टूबर को किशोर न्याय बोर्ड पेश किया गया, जहां से 16 साल के आरोपी किशोर को हरिद्वार बाल सुधारगृह भेज दिया गया।
दीवान सिंह बिष्ट,
प्रभारी निरीक्षक, चंपावत कोतवाली।
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