नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम संगठन ने फिर बजाया बिगुल
चंपावत में कर्मचारी-शिक्षकों की हुंकार, जनसभा के बाद निकाली रैली, दिया ज्ञापन
देवभूमि टुडे
चंपावत। नो NPS, नो UPS ओनली OPS। ये उद्घोष आज रविवार की छुट्टी के बावजूद चंपावत में गूंजे। NMOPS (नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम) संगठन के नेतृत्व में कर्मचारी और शिक्षकों ने आज चंपावत के गोरलचौड़ मैदान से एक बार फिर बिगुल बजा दिया है। गोरलचौड़ मैदान से निकली रैली का रोडवेज बस स्टेशन में समापन हुआ। बाद में यहीं पर SDM विपिन चंद्र पंत के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया।
NMOPS के नेताओं का कहना है कि उन्हें न NPS मंजूर है और नहीं UPS। कर्मचारी-शिक्षक एकमात्र OPS की मांग कर रहे हैं। कहा कि अगर पुरानी पेंशन बहाल न हुई, तो कर्मचारी-शिक्षक अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में माकूल जवाब देंगे। वक्ताओं ने कहा कि केवल उन्हीं दलों को समर्थन दिया जाएगा, जो पुरानी पेंशन बहाली का समर्थन करेगा। कहा गया कि विधायक, सांसद से लेकर मंत्री आदि को कई-कई पेंशन दी जाती है, जबकि कर्मियों को ढाई दशक से अधिक सेवा के बावजूद जीवन जीने लायक पेंशन तक नहीं दी जा रही है। कर्मचारी-शिक्षक इस रवैये का विरोध करेंगे। अगले चरण में NMOPS संगठन 17 मई को मंडल स्तरीय रैली करेगा।

NMOPS के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता, महामंत्री प्रकाश तड़ागी, राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री जगदीश बिष्ट, जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी, मिनिस्ट्रीयल नेता नगेंद्र मोहन जोशी, जीवन चंद्र ओली, कमेटी सदस्य धीरेंद्र कुमार पाठक, राजेंद्र मेहता, गणेश भंडारी, गोविंद बोहरा, रमेश देव, प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला महामंत्री बंशीधर थ्वाल, उत्तम फर्त्याल, कैलाश फर्त्याल, मोनू मंद देउपा, गीता जोशी, शंकर अधिकारी, हिमांशु मुरारी, मुकेश जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी शामिल थे।
क्या है अंतर:
OPS (31 दिसंबर 2003 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए): कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं, न्यूनतम 10 साल की सेवा, अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में और कर्मी की मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन मिलती है।
NPS (1 जनवरी 2004 से लागू): कर्मचारी के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती, गारंटीशुदा धनराशि नहीं, बाजार जोखिम आधारित।
UPS (1 अप्रैल 2025 से लागू):कर्मचारी के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती, 10 साल से ज्यादा और 25 साल से कम सेवा अवधि वाले कर्मियों को समानुपत के आधार पर पेंशन दी जाएगी लेकिन न्यूनतम पेंशन 10 हजार रुपये।
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