चंपावत जिले के 7 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वाले धूरा क्षेत्र के
स्वतंत्रता सेनानी स्मारक का मामला
दिसंबर 2024 में हुई थी मुख्यमंत्री घोषणा
काम शुरू नहीं होने पर स्वतंत्रता दिवस के बाद आंदोलन की चेतावनी
देवभूमि टुडे
चंपावत। देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस महज 23 दिन दूर है। लेकिन सात सेनानियों के गांव सूखीढांग धूरा क्षेत्र के नागरिकों की चिंता है कि वे आजादी के जश्न की वर्षगांठ कहां मनाएं? लगातार दूसरे साल ये परिस्थिति पैदा हुई है। इसकी वजह धूरा का पुराना सेनानी स्मारक टूटना और नया स्मारक नहीं बन पाना है। पूरा होना तो दूर, लंबे समय से काम भी रुका है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन इस स्थिति से बैचेन है। संगठन ने जल्द से जल्द काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में चंपावत से करीब 53 किमी दूर धूरा में 2013 में सेनानी स्मारक बनाया गया था। जिसमें सातों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा स्थापित की गई थी। स्मारक के क्षतिग्रस्त होने के बाद इसके लिए 20 लाख रुपये मिले। इस राशि से स्मारक को तोड़ नए सिरे से कार्य की शुरुआत हुई थी। कॉलम डाल दिए गए लेकिन उसके बाद से काम रुका हुआ है। इस राशि से कॉलम डाले गए। मरम्मत का काम शुरू हुआ ही था कि स्मारक के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौड़ाकोट में 7 सेनानियों की मूर्ति स्मारक एवं स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के जीर्णोंद्धार के लिए 75 लाख रुपये देने की 3 दिसंबर 2024 को घोषणा की थी। सेनानी उत्तराधिकारी संगठन का कहना है कि सीएम घोषणा की राशि नहीं मिलने से काम अटक गया। पुराना स्मारक तो तोड़ दिया गया, लेकिन नया बना नहीं।


ये हैं 7 स्वतंत्रता सेनानी:
सूखीढांग धूरा क्षेत्र का स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान है। इस क्षेत्र के 7 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजादी की जंग में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी की थी। स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, जयदत्त चौड़ाकोटी, पदमा दत्त चौड़ाकोटी, चूड़ामणि जोशी, चिंतामणि जोशी और बची सिंह राना ने अंग्रेजों की नाक में दम किया था। इन सेनानियों को कैद के अलावा जुर्माना भी लगाया गया था।
क्या कहती है सेनानी उत्तराधिकारी समिति:
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति काम में देरी से खिन्न है। समिति के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने कहा कि स्मारक स्थल को तोड़ तो दिया गया है, लेकिन नया निर्माण नहीं हो सका है। इस कारण पिछले 2 वर्ष से स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस सहित विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाले कार्यक्रमों के आयोजन में मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने सेनानी स्मारक का काम जल्द शुरू नहीं होने पर स्वतंत्रता दिवस के बाद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

क्या कहते हैं अधिकारी:
सेनानी स्मारक के जीर्णोद्वार के लिए CM घोषणा 75 लाख रुपये की हुई थी, लेकिन इसका आगणन 163 लाख रुपये का बना है। इस कारण आगणन को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसे लेकर शासन से अनुरोध किया गया है। चूंकि पूरे स्मारक का नया निर्माण किया जाना है, इसलिए सेनानी स्मारक के जीर्णोद्घार की घोषणा में संशोधन करते हुए नए निर्माण के लिए आग्रह किया गया है। वहीं विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार ने भी शासन को पत्र को भेजा है।
मोहन चंद्र पलड़िया,
अधिशासी अभियंता, लोनिवि, चंपावत।

© 2026. All Rights Reserved.