टनकपुर उप जिला अस्पताल में बिन डॉक्टर कैसे दूर होगा मरीजों का दर्द?
29 जून को स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी अधिकांश डॉक्टर ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। चंपावत जिले के सबसे अधिक आबादी वाले टनकपुर के सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं आखिर कब संवरेगी? इस अस्पताल में डॉक्टरों के पद कब भरे जा सकेंंगे? आखिर स्थानांतरण आदेश के बाद डॉक्टर ज्वाइन कब करेंगे? ये तमाम सवाल यहां लोग पूछ रहे हैं, लेकिन इनका संतोषजनक जवाब फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा है।
टनकपुर उप जिला अस्पताल में 22 चिकित्सकों के स्थान पर इस वक्त 14 की ही तैनाती है। न गर्भवती महिलाओं के इलाज की पुख्ता व्यवस्था है, न हड्डी की चोट का इलाज और नहीं जनरल सर्जरी का बंदोबस्त। गायनेकोलॉजिस्ट के नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज से लेकर जटिल प्रसव नहीं हो पा रहा है। महिलाओं के इलाज के बाद सबसे ज्यादा मरीज हड्डी की परेशानी वाले आते हैं, लेकिन अस्थिरोग विशेषज्ञ की कमी भारी पड़ रही है। डॉ. विनोद कुमार जोशी के सेवानिवृत्त होने के बाद से अस्थिरोग विशेषज्ञ का पद 1 अप्रैल 2025 से खाली है। गायनेकोलॉजिस्ट की कुर्सी और भी लंबे समय से रिक्त है। सर्जन होने के बावजूद निश्चेतक नहीं होने से जनरल सर्जरी नहीं हो पा रही है।


इन सबका असर टनकपुर-बनबसा की 55 हजार की आबादी के अलावा टनकपुर से लगे नेपाल के आसपास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें या तो निजी अस्पताल में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है या दूसरे जिलों के सरकारी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। वैसे 29 जून को हुए स्थानांतरण आदेश के क्रम में टनकपुर उप जिला अस्पताल से 2 डॉक्टर जाने थे और 11 आने थे। लेकिन 1 महीने बाद आज 3 अगस्त तक इनमें से महज 3 चिकित्सकों ने ही ज्वाइन किया। 8 चिकित्सकों का अस्पताल को अब भी इंतजार है। टनकपुर उप जिला अस्पताल में 22 चिकित्सकों के स्थान पर फिलहाल 14 की ही तैनाती है। अगर स्थानांतरित सूची पर अमल हुआ, तो टनकपुर की व्यवस्था में सुधार हो सकता है। लेकिन क्या ऐसा होगाा? इस सवाल के जवाब पर ही अस्पताल की दशा और दिशा तय होगी।
3 डॉक्टर आए 1 गए:
चंपावत। शासन ने 26 जून को टनकपुर अस्पताल में चार (अस्थिरोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ और ईएनटी) डॉक्टरों को स्थानांतरित किया है। फिर 29 जून को शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश मे टनकपुर को 7 और डॉक्टर दिए गए थे। साथ ही सर्जन डॉ. प्रभा जोशी और डॉ. जितेंद्र जोशी को टनकपुर से दूसरे जिले स्थानांतरित किया गया था। 11 में से 3 डॉक्टर ज्वाइन कर चुके हैं। वहीं 2 में से 1 डॉक्टर यहां से रिलीव हो चुके हैं।
अस्पताल में खाली हैं विशेषज्ञ डॉक्टरों के ये पद:
गायनेकोलॉजिस्ट, ऑर्थोपैडिक सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक।
क्या कहते हैं चिकित्साधिकारी:
जून में जारी स्थानांतरण सूची के मुताबिक टनकपुर उप जिला अस्पताल को कुल 11 चिकित्सक मिलने थे। जबकि 2 का यहां से दूसरे अस्पताल स्थानांतरण हुआ है। लेकिन अभी तक 11 में से सिर्फ 3 डॉक्टरों ने ही कार्यभार ग्रहण किया है। विभागीय अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी दी जा रही है।
डॉ. घनश्याम तिवारी,
चिकित्साधीक्षक,
उप जिला अस्पताल, टनकपुर।
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