Saturday Sep 5, 2026

टनकपुर उप जिला अस्पताल में वाहन 3 लेकिन चलाने वाला 1 भी नहीं

बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी बनी सफेद हाथी

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र के सबसे बड़े टनकपुर उप जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से असर

पड़ रहा है। न हड्डी का इलाज हो पा रहा है नहीं गर्भवती महिलाओं का। सर्जरी में भी अड़चन आ रही है। इलाज से इत्तर इस अस्पताल में एक और बड़ी दुश्वारी है। विडंबना यह कि अस्पताल में 3 वाहन हैं लेकिन चलाने वाला कोई नहीं है। इस वजह से अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

मुख्यमंत्री की विधानसभा वाले चंपावत विधानसभा सीट के मैदानी क्षेत्र टनकपुर के उप जिला अस्पताल को 5 साल पूर्व BLSA (बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस) दी गई थी। शुरुआत से ही इसका उपयोग कम हुआ, लेकिन अब इस साल जून से यह एंबुलेंस  उपयोग लायक ही नहीं है। इसकी वजह एंबुलेंस में किसी खामी का होना नहीं है, बल्कि एंबुलेंस को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं होना है। इसी तरह अस्पताल के चिकित्साधीक्षक का वाहन भी खड़ा है। और तो और तीसरा वाहन भी बगैर चालक के धूल फांक रहा है। इन वाहनों को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं होने से अस्पताल को दवाइयां और अन्य जरूरी काम के लिए भी इधर-उधर से व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

 

क्या कहते हैं चिकित्साधिकारी:

टनकपुर उप जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था ठीक चल रही है। अलबत्ता वहां की बीएलएसए सहित 3 वाहनों को चलाने के लिए कोई ड्राइवर नहीं है।

ड्राइवर की तैनाती के लिए प्रक्रिया चल रही है। महानिदेशक से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।

डॉ. देवेश चौहान,

CMO, चंपावत।

डॉ. देवेश चौहान।

क्या कहते हैं चिकित्साधीक्षक:

टनकपुर उप जिला अस्पताल के चालक धर्मवीर की इस साल 31 मई को सेवानिवृत्ति हो गई थी। इसके बाद फिलहाल अस्पताल में कोई ड्राइवर नहीं है।

डॉ. घनश्याम तिवारी,

CMS, टनकपुर उप जिला अस्पताल।

डॉ. घनश्याम तिवारी।






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