ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
डीएम मनीष कुमार ने आम नागरिकों से भी की अपील
देवभूमि टुडे
चंपावत। तेल संकट के चलते डीजल-पेट्रोल की किफायत पर प्रशासनिक स्तर पर भी पहल की गई है। चंपावत जिले में अब हर शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया गया है। जिसके अंतर्गत कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई उपाय बताते हुए लोगों से इस अपील पर काम करने का आग्रह किया था। उसके बाद कई राज्य सरकारों ने इसे लेकर पहल शुरू कर दी थी। और अब चंपावत जिला प्रशासन ने भी कदम उठाए हैं। आज 18 मई को डीएम मनीष कुमार ने इसे लेकर बाकायदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की नागरिकों से अपील की है। साथ ही लोगों से एक वर्ष तक नए सोने की खरीद सीमित रखने और सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं के सहयोग से पुराने आभूषणों के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।

उठाए जा रहे हैं ये कदम:
1.हर शनिवार को नो व्हीकल डे घोषित किया गया है। जिसके अंतर्गत कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
2.सरकारी बैठकों के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी। बेहद जरूरी होने पर ही अधिकारियों-कार्मिकों की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
3.निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्सहित किया जाएगा।
4.सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश।
5.सरकारी एवं निजी भवनों, मॉल, होटल और रेस्तरां में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने अथवा एसी के अनावश्यक उपयोग को हतोत्साहित करने को कहा गया है।
6.अनावश्यक सजावटी प्रकाश व्यवस्था पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए हैं।
7.जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईवी
चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
8.स्वास्थ्य एवं बचत को ध्यान में रखते हुए आशा कार्यकर्ताओं एवं महिला समूहों के माध्यम से कम तेल वाले भोजन के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों एवं सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी।
9.प्राकृतिक खेती एवं जीरो बजट फार्मिंग को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। एग्रीस्टैक
एवं फार्मर आईडी के माध्यम से उर्वरक प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
10.पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा
दिया जाएगा। नेट मीटरिंग अनुमोदनों की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। साथ ही पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार को मिशन मोड में संचालित करने तथा माइनिंग, सोलर एवं पावर प्रोजेक्ट्स को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से
त्वरित मंजूरी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।
11.स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए मेड इन उत्तराखंड अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं जीआई टैग उत्पादों को बढ़ावा
दिया जाएगा। इसके लिए एमएसएमई इकाइयों एवं स्वयं सहायता समूहों को प्रमुख
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
12.पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस एवं इको-टूरिज्म सर्किटों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं सरकारी स्तर पर गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर अस्थाई रोक लगाने के
निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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