चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
16 अप्रैल 2025 को एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक के पास से बरामद की थी 1 किलो 879 ग्राम चरस
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय ने चरस तस्करी के एक नेपाली अभियुक्त को दोषी पाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोषी को 12 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
नेपाल सीमा से लगे बनबसा चेकपोस्ट पर 16 अप्रैल 2025 को चेकिंग के दौरान एसएसबी की टीम ने एक नेपाली व्यक्ति के पास से 1 किलो 879 ग्राम चरस बरामद की। आरोपी सुभाष बोहरा (30) निवासी ग्राम खोरी जिला बजांग, नेपाल के खिलाफ बनबसा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत 16 अप्रैल 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। नवंबर 2025 में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों एवं गवाहों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायालय के सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) जिला जज अनुज कुमार संगल ने चरस तस्करी के अभियुक्त सुभाष बोहरा को दोषी पाते हुए 12 अक्टूबर को सजा सुनाई। दोषी सुभाष बोहरा को 12 वर्ष के कठिन कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 1 वर्ष का अतिरिक साधारण कारावास भुगतना होगा।
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