12 सूत्रीय मांगों पर 1 नवंबर तक कार्रवाई नहीं होने की दशा में
उत्तरांचल फेडरेशन आफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन ने दी चेतावनी
देवभूमि टुडे
चंपावत। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन 12 सूत्रीय मांगों को लेकर नवंबर से बेमियादी हड़ताल करेगा। 1 नवंबर तक 12 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर चंपावत सहित पूरे प्रदेश में ये हड़ताल होगी। देहरादून में 12 अक्टूबर को हुई रैली से लौटने के बाद एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार एवं सचिव जीवन चंद्र ओली ने ये ऐलान किया। कहा कि मांगों को लेकर अगर 1 नवंबर तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कार्मिक प्रदेशभर में अनिश्चिकालीन हड़ताल करेंगे। कहा गया कि बेमियादी हड़ताल को सफल करने को लेकर चंपावत जिले में संगठन विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों को जागरूक कर रहे हैं।


ये हैं मांगें:
1.कनिष्ठ सहायक का ग्रेड वेतन लेवल-5 (2800) किया जाए, तथा प्रशासनिक अधिकारी संवर्ग का पुनर्गठन कर उप निदेशक (प्रशासन) लेवल-11 का पद सृजन।
2.जिन विभागों में पदोन्नति नहीं हो रही है, वहां एसीपी की व्यवस्था लागू हो।
3.फार्गो नियमावली समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू हो।
4.सभी विभागों में मिनिस्ट्रियल पदों का शीघ्र पुनर्गठन।
5.80 प्रतिशत कार्मिक पुरानी पेंशन से वंचित हैं, पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाए।
6.गोल्डन कार्ड में आ रही असुविधा तत्काल समाप्त की जाए।
7.स्थानांतरण अधिनियम की कठिनाइयों के निराकरण हेतु शीघ्र बैठक बुलाई जाए।
8.मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह-ख) के दायित्वों का संशोधित शासनादेश जारी हो।
9.मिनिस्ट्रियल कार्मिकों की कॉमन सेवा नियमावली प्रख्यापित की जाए।
10.समूह 'ग' के कार्मिक को गृह तहसील में तैनाती का शासनादेश जारी हो।
11.पदोन्नति में संक्रमण काल को समाप्त किया जाए।
12.सृजित पदों पर आउटसोर्सिंग से तैनाती पर रोक लगे व स्पष्ट एसओपी बने।
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