किसानों के स्थानीय उत्पादों को बाजार देने के लिए चंपावत और
लोहाघाट में खुलेंगे केंद्र स्थानीय कृषि, बागवानी, दुग्ध, मसाला एवं अन्य क्षेत्रीय उत्पादों का संग्रहण से लेकर विपणन तक होगा
देवभूमि टुडे
चंपावत। पलायन रोकने, ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संग्रहण केंद्र (कलेक्शन सेंटर) बनाए जाएंगे। इनके लिए चंपावत जिले में 10 स्थानों पर सरकारी भूमि मंजूर की गई है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि 'आदर्श चंपावत' के इस विजन को गति देने के लिए इन नव निर्मित संग्रहण केंद्रों के संचालन की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी जाएगी।


इन केंद्रों के जरिए स्थानीय कृषि, बागवानी, दुग्ध, मसाला एवं अन्य क्षेत्रीय उत्पादों का व्यवस्थित संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन सुनिश्चित किया जाएगा। इस व्यवस्था से न केवल स्थानीय उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध होगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी। डीएम ने बताया कि स्वीकृत भूमि में से चार संग्रहण केंद्रों का निर्माण जिले के चारों विकासखंड मुख्यालय परिसरों में पूर्ण कर लिया गया है। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने वाली सामग्रियों को एक व्यापक और पारदर्शी बाजार से जोड़ा जा रहा है, ताकि महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सके।
इन स्थानों में बनाए गए हैं संग्रह केंद्र:
डैसली, किमतोली, चंदनी, बनबसा, नायकखेड़ा, टनकपुर, अमोड़ी, खलकंडिया, पाटी एवं बाराकोट।
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