।चंपावत में MRI को लेकर संशय, बैरंग लौटे मरीज के पिता ने सोशल मीडिया के जरिए लगाया आरोप
29 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने MRI मशीन का किया था लोकार्पण
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत में MRI (मैग्रेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) मशीन का परीक्षण नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला आज 6 जुलाई को सामने आया। एक मरीज और मरीज के साथ गए व्यक्ति ने अस्पताल में आधे घंटे तक चक्कर काटे, लेकिन MRI नहीं हुआ। परेशानहाल मरीज के पिता ने बाद में सोशल मीडिया में एक पोस्ट के जरिए यह आरोप लगाया है।
चंपावत में जिला अस्पताल के पास बने क्रिटिकल केयर यूनिट में स्थापित MRI मशीन का 29 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया था। सीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि लोकार्पण के दिन 5 लोगों के MRI परीक्षण हुए थे। लेकिन उसके बाद से कोई परीक्षण नहीं हुआ है। आज 6 जुलाई को चंपावत के रमेश चंद्र थ्वाल अपने बेटे को लेकर MRI के लिए जिला अस्पताल गए थे, लेकिन उनका परीक्षण नहीं हो सका। थ्वाल का कहना है कि उनके बेटे को कमर संबंधी दिक्कत थी। पिछले सप्ताह अस्थि रोग विशेषज्ञ ने MRI परीक्षण के लिए प्रिसक्राइब किया था। थ्वाल का कहना है कि वे करीब आधे घंटे तक अस्पताल में भटकते रहे। उन्हें इधर-उधर दौड़ाया जाते रहा, लेकिन फिर भी परीक्षण नहीं हुआ। बाद में थ्वाल ने MRI परीक्षण नहीं होने की बात को सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक किया।

क्या कहते हैं चिकित्साधिकारी:
चंपावत जिला अस्पताल में अब तक 5 MRI परीक्षण हो चुके हैं। MRI परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की कमी है। MRI परीक्षण के बाद प्लेट को ऑनलाइन माध्यम से एनएचएम कंपनी के माध्यम से निजी एजेंसी को रिपोर्टिंग के लिए भेजा जाता है। MRI परीक्षण नियमित रूप से हो और रिपोर्ट निर्धारित समय पर आए, इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया गया है।
डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी,
मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल।

MRI नहीं हो रहे हैं, ये कहना गलत है। MRI परीक्षण नियमित रूप से चल रहा है। इसके लिए 2 तकनीशियन भी रखे गए हैं। दो-तीन स्टाफ और आ रहा है। इसके बाद MRI केंद्र नियमित रूप से खुला रहेगा।
डॉ. देवेश चौहान,
मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।

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