Sunday May 31, 2026

चंपावत के गड़कोट के डाबरी गांव में हुई घटना तहसीलदार बृजमोहन आर्या के नेतृत्व में राजस्व और पशुपालन विभाग की टीम ने किया मुआयना

देवभूमि टुडे

चंपावत। चंपावत के गड़कोट ग्राम पंचायत के सेला डाबरी में आकाशीय बिजली गिरने से दो मंजिला भवन में आग लगने से टिनशेड क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के नीचे बनी गोशाला के आग की चपेट में आने से एक बछड़े की झुलस कर मौत हो गई। साथ ही भवन स्वामिनी बेहोश हो गई। गौशाला की छत पर रखी सूखी घास में आग लग गई।

मुआयना करते तहसीलदार और अन्य अधिकारी।

आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक आज 31 मई की सुबह 10 बजे करीब ग्रामीण डूंगर देव के मकान में आकाशीय बिजली गिरने से गोशाला में आग लग गई। जिससे गोशाला में बंधे बछिया की मौत हो गई, जबकि गाय को बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि मकान स्वामी की पत्नी उस समय गोशाला में गई थी। अचानक हुए वज्रपात से वह बेहोश हो गई। ग्रामीणों की मदद से एक गाय को बचा लिया गया। लेकिन अत्यधिक झुलसने से बछिया की मौत हो गई। इस पुराने भवन में देवदार और साल की लकड़ी व घास रखी हुई थी। निचली मंजिल में गोशाला थी। आकाशीय बिजली से गरीब किसान को खासा नुकसान हो गया। आकाशीय बिजली गिरने और गाय के जिंदा जलने की जानकारी पर राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आकाशीय बिजली से लगी आग की चपेट में आने से मरे बछड़े का पशुपालन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम किया है। वहीं डीएम मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार बृजमोहन आर्या के नेतृत्व में राजस्व एवं पशुपालन विभाग की टीम ने मुआयना किया। बताया कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।

बिजली गिरने में बचाव के लिए उपयोगी हो सकते हैं ये उपाय:

1.बारिश या तूफान के समय सिी पक्की छत वाली इमारत के भीतर रहे।

2.किसी भी ऊंचे या एकांत पेड़ विशेषकर आम या महुआ जैसे गीले पेड़ों के नीचे खड़े नहीं हो।

3.छाता, लोहे की छड़, मोबाइल फोन सहित बिजली को आकर्षित करने वाली धातुओं का इस्तेमाल बंद कर दें।

4.पानी बिजली का सुचालक है, इसलिए नदी, तालाब या किसी जल स्रोत के पास न जाएं।

5.केंद्रीय पृथ्वली विज्ञान मंत्रालय द्वारा विकसित दामिनी (DAMINI) ऐप डाउनलोड करें, जो बिजली गिरने से 30 मिनट पहले आपके क्षेत्र में अलर्ट भेज सकता है।




Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.