चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
हत्या के तीन अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया
टनकपुर में 26 दिसंबर 2024 में एक टैक्सी चालक नरेंद्र मिश्रा उर्फ रिंकू की हरीश भट्ट ने हत्या की थी
देवभूमि टुडे
चंपावत। टनकपुर में एक टैक्सी चालक की हत्या के आरोप में एक अभियुक्त को सजा सुनाई गई है। जबकि 3 अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। अभियोजन पक्ष की पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि 2 जून को दोषी ठहराए गए अभियुक्त को चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय ने आज 4 जून को आजीवन कारावास की सजा और अर्थ दंड की सजा सुनाई।
टनकपुर में रोडवेज वर्कशॉप के पास 26 दिसंबर 2024 को चाकू से गोदकर टैक्सी चालक नरेंद्र मिश्रा उर्फ रिंकू (41) की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में चार (हरीश भट्ट निवासी बिचई, धर्मेंद्र कुमार निवासी वार्ड नंबर 6, आकाश पाटनी निवासी ककरालीगेट और दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज निवासी नेपाली बस्ती मनिहारगोठ टनकपुर) आरोपियों के खिलाफ टनकपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले की विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने साक्ष्य, गवाहों के बयान और विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त हरीश भट्ट को आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अलबत्ता अभियुक्त हरीश भट्ट को बीएनएस की धारा 61 के अंतर्गत संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है। जबकि तीन अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है। दोषमुक्त करार दिए गए धर्मेंद्र कुमार, आकाश पाटनी और दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 481 के अंतर्गत 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इसी धनराशि के दो-दो विश्वसनीय व सक्षम प्रतिभू चंपावत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की संतुष्टि अनुसार दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुनाहगार हरीश भट्ट को सुनाई गई ये सजाएं:
1.बीएनएस की धारा 103 (1) के अंतर्गत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना।
2.बीएनएस की धारा 238 के अंतर्गत 3 वर्ष के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपये का जुर्माना।
3.धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत 3 वर्ष के साधारण कारावास एवं 10 हजार रुपये का जुर्माना।
4.अर्थदंड अदा नहीं करने पर 103 (1) के अंतर्गत 6 माह, बीएनएस की धारा 238 के अंतर्गत 1 माह और धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत 1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोषमुक्त हुए ये अभियुक्त:
आकाश पाटनी, धर्मेंद्र कुमार को धारा बीएनएस की धारा 103 (1) व 61 के अंतर्गत आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है।
अभियुक्त दीपक राम उर्फ दिप्पू उर्फ अंग्रेज को बीएनएस की धारा 238, 103 (1) व 61 के अंतर्गत आरोपों से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है।
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