बूढ़े तेंदुए की मौत की वजह बीमार होने का वन विभाग को अंदेशा
दिगालीचौड़ के पटौली के छोड़े मकान से हुआ था रेस्क्यू
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। 25 जून की शाम ट्रैंक्विलाइज (दवा देकर बेहोश करना) रेस्क्यू किए गए तेंदुए की चंद घंटों बाद आज 26 जून को मौत हो गई। तेंदुए का पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मौत की वजह का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन वन विभाग को अंदेशा है कि मौत की वजह तेंदुए का बीमार होना हो सकता है।



लोहाघाट के दिगालीचौड़ के पटौली गांव में गुलदार ने 24 जून को बकरी चरा रही एक बालिका पर हमला किया था। इस हमले के बाद कल 25 जून को वन विभाग की टीम गुलदार प्रभावित गांव में कैमरा ट्रैप लगा रही थी, इसी बीच टीम को नाकोट के प्रधान लक्ष्मण सिंह भंडारी के पुराने और छोड़े मकान में यह गुलदार नजर आया। लोहाघाट के वन क्षेत्राधिकारी आरसी जोशी ने बताया कि गुलदार को पशुपालन विभाग और स्थानीय वन कार्मिकों की टीम ने 25 जून की शाम को ट्रैंक्विलाइज किया। पिंजरे में बंद कर लोहाघाट वन विभाग कार्यालय लाया गया। उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी ने बताया कि गुलदार की सेहत रात को ठीक थी, लेकिन सुबह मृत मिला।
उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी ने बताया कि गुलदार की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगी, लेकिन प्रथमदृष्टया मौत की वजह बीमार और बूढ़ा लग रहा था। इस मृत नर गुलदार की उम्र 8 से 9 साल के आसपास बताई जा रही है।
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