दहशत और कौतूहल के बीच 2 घंटे बाद गुलदार जंगल को भागा
गुमदेश क्षेत्र के मानाढुंगा गांव की घटना
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। गुमदेश क्षेत्र के मानाढुंगा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक ग्रामीण की गौशाला में घुसकर आराम से बैठ गया। जब गौशाला में बंधी भैंस के पास गुलदार को परिवार के लोगों ने देखा, तो उनके होश उड़ गए। सूचना फैलते ही गांव में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव निवासी द्वारिका सिंह की गौशाला में भैंस बंधी हुई थी। परिवार के सदस्य कल 22 जून की पूर्वान्ह पशुओं को चारा देकर लौट आए थे। दोपहर बाद जब जंगल से चारा चरकर गाय गौशाला की ओर पहुंची, तो भीतर असामान्य हलचल महसूस हुई। अंधेरा होने के कारण जब टॉर्च की रोशनी डाली गई, तो एक ओर भैंस बंधी थी और दूसरी ओर गुलदार आराम से बैठा दिखाई दिया।


गुलदार के गौशाला में मौजूद होने की खबर पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने शोर मचाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन गुलदार काफी देर तक वहीं डटा रहा। करीब दो घंटे की मशक्कत और लगातार शोर-शराबे के बाद गुलदार आखिरकार गौशाला से निकलकर जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में दहशत के साथ-साथ तरह-तरह की चर्चा भी शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण गुलदार को बूढ़ा और कमजोर बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे देवी शक्ति का संकेत मानकर चर्चा कर रहे हैं। इस अनोखी घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कहा कि ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं, बच्चों और पशुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें। बाराकोट के सिमलखेत क्षेत्र में 10 जून को हुए गुलदार के हमले के बाद से वन विभाग पहले ही गश्त बढ़ाए हुए है। ऐसे में मानाढुंगा की यह घटना लोगों की चिंता और बढ़ाने वाली साबित हो रही है।
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