मुआवजा और बेटे को नौकरी देने की मांग पर कर रहे थे आंदोलन
अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल के आश्वासन पर माने 26 मई से लोहाघाट में धरना देने वाले बुजुर्ग चेतराम
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। मुआवजे की मांग को लेकर मजदूर चेतराम का आंदोलन 38वें दिन खत्म हो गया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के आश्वासन पर उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया। बुजुर्ग चेतराम मुआवजे और बेटे को नौकरी देने की मांग पर 26 मई से लोहाघाट लोनिवि कार्यालय परिसर पर धरने में थे।

बुजुर्ग चेतराम का कहना था कि वे 15 दिसंबर 1993 को लोनिवि में राजमिस्त्री के पद पर मस्टरोल में थे। कुछ समय बाद डिग्री कॉलेज भवन निर्माण में काम के दौरान छत से गिर बुरी तरह चोटिल हो गया। हाथ टूटने के साथ सिर में भी चोट आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तब उनकी विभागीय रूप से पर्याप्त मदद नहीं की गई थी। वे मजदूरी करने लायक भी नहीं रहे। उप श्रमायुक्त के हस्तक्षेप के बाद मामूली मुआवजा मिला, लेकिन उनके इलाज में मोटी रकम खर्च हुई। साथ ही चोट लगने के बाद वे काम करने लायक भी नहीं रहे।
मुआवजे और बेटे को नौकरी देने की मांग पर चेतराम ने लोक निर्माण के ईई हितेश कांडपाल के आश्वासन पर आज 2 जुलाई को 38 वें दिन धरना स्थगित किया। ईई कांडपाल ने चेतराम को सरकार की प्रयाग पोर्टल नाम की योजना से रुबरु करवाकर उनके बेटे का रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा। बताया कि पोर्टल में जुड़ने के बाद उनके बेटे को दैनिक मजदूरी मिल सकेगी। जिसके बाद चेतराम ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया। चेतराम ने कहा कि अगर उनकी मांग समय से पूरी नहीं होती है, तो वे फिर से धरने पर बैठ जाएंगे।
© 2026. All Rights Reserved.