6 जुलाई की सुबह 30 मिनट तक जिला अस्पताल भटकने के बाद नहीं हुआ था MRI
मरीज के पिता के सोशल मीडिया के जरिए लगाए आरोप के बाद CMO डॉ. देवेश चौहान ने फोन कर मरीज के पिता से संपर्क साधा था
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के 19 साल के युवक का आखिरकार MRI (मैग्रेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) परीक्षण हो गया। पहले आधा घंटे तक अस्पताल में भटकने वाले इस युवा का परीक्षण कल 6 जुलाई की शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी के फोन के बाद हुआ।
चंपावत के रमेश चंद्र थ्वाल कल 6 जुलाई को सुबह MRI के लिए जिला अस्पताल गए थे। उनका कहना था कि उनके बेटे किशोर थ्वाल को कमर संबंधी दिक्कत थी। पिछले सप्ताह अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय पाठक ने MRI परीक्षण के लिए प्रिसक्राइब किया था। थ्वाल का कहना था कि उन्होंने करीब आधे घंटे तक अस्पताल में इधर-उधर चक्कर काटे, लेकिन फिर भी परीक्षण नहीं हुआ। बाद में परेशानहाल पिता ने MRI परीक्षण नहीं होने की बात को सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक किया।
जानकारी लगने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने मरीज के पिता रमेश चंद्र थ्वाल से संपर्क किया और उन्हें MRI के लिए जिला अस्पताल के पास बने क्रिटिकल केयर यूनिट जाने को कहा। रमेश चंद्र थ्वाल का कहना है कि 6 जुलाई की शाम को वे सीसीयू गए। जहां उनके बेटे किशोर का MRI हुआ। BPL श्रेणी के होने के चलते इसके लिए उन्हें कोई शुल्क भी नहीं देना पड़ा।
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